UPI Payment Update: UPI पेमेंट को लेकर सरकार ने बड़ा अपडेट जारी किया है। वित्त मंत्रालय की ओर से जारी अधिसूचना के तहत ₹2,000 तक के UPI लेनदेन पर बैंक या पेमेंट सिस्टम प्रोवाइडर कोई प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष शुल्क नहीं लगा सकेंगे। RuPay डेबिट कार्ड से किए जाने वाले भुगतान को भी शुल्क से सुरक्षा दी गई है।
₹2,000 से ज्यादा पर क्या हुआ?
नई व्यवस्था में ₹2,000 से अधिक के UPI लेनदेन को इस कानूनी सुरक्षा के दायरे से बाहर रखा गया है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि अब ₹2,000 से ज्यादा UPI पेमेंट करने पर तत्काल चार्ज देना होगा। फिलहाल ऐसे भुगतान पर शुल्क लगाने का कोई फैसला लागू नहीं हुआ है।
आम लोगों के लिए UPI फ्री
आम यूजर्स के लिए व्यक्ति से व्यक्ति यानी P2P लेनदेन पहले की तरह जारी रहेगा। इसका मतलब है कि परिवार, दोस्तों या किसी अन्य व्यक्ति को UPI से पैसे भेजने पर फिलहाल कोई नया चार्ज नहीं लगाया गया है। रोजमर्रा के छोटे डिजिटल भुगतान भी शुल्क-मुक्त बने रहेंगे।
मर्चेंट पेमेंट पर नजर
असल बदलाव का संबंध मुख्य रूप से बड़े मूल्य वाले मर्चेंट लेनदेन से है। वित्त मंत्रालय पहले ही UPI सिस्टम की लागत और लंबे समय तक इसकी स्थिरता बनाए रखने के लिए कुछ बड़े लेनदेन या मर्चेंट्स पर MDR बहाल करने जैसे विकल्पों पर विचार कर रहा था।
पहले क्या व्यवस्था थी?
2019 में डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए UPI MDR को लेकर अलग-अलग प्रावधान और दरें तय की गई थीं। NPCI के 2019 के दस्तावेज के मुताबिक उस समय मर्चेंट UPI लेनदेन के लिए MDR में बदलाव किए गए थे। ([NPCI][3]) अब नई अधिसूचना में ₹2,000 तक के UPI लेनदेन पर शुल्क न लगाने की स्पष्ट सीमा तय की गई है।
चार्ज कितना हो सकता है?
₹2,000 से अधिक के UPI मर्चेंट भुगतान पर MDR की दर कितनी होगी, यह अभी तय नहीं है। बाजार में 0.3 से 0.5 प्रतिशत तक की संभावित दर की चर्चा है, लेकिन NPCI की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक दर घोषित नहीं की गई है। इसलिए इसे फिलहाल संभावित अनुमान के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।
NPCI करेगा आगे फैसला
₹2,000 से अधिक के लेनदेन पर MDR लागू करना है या नहीं और इसकी दर क्या होगी, इस पर आगे निर्णय होना बाकी है। ऐसे में फिलहाल UPI इस्तेमाल करने वाले आम ग्राहकों को किसी नए अनिवार्य चार्ज की चिंता करने की जरूरत नहीं है। NPCI के आंकड़ों के मुताबिक अगस्त 2026 में UPI पर 24,508.96 मिलियन यानी करीब 2,450.9 करोड़ लेनदेन हुए, जिनकी कुल वैल्यू ₹29,82,355.95 करोड़ रही।
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