उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा ने संगठनात्मक और डिजिटल तैयारियां तेज कर दी हैं। लखनऊ स्थित प्रदेश कार्यालय में मीडिया विभाग की कार्यशाला आयोजित कर पार्टी ने चुनावी संचार की नई रणनीति पर चर्चा की। इसमें तय किया गया कि विपक्ष की ओर से सामने आने वाले आरोपों या भ्रामक सूचनाओं का जवाब देने के लिए क्विक रिस्पांस टीम तैयार की जाएगी। पार्टी का कहना है कि 2024 के लोकसभा चुनाव से मिले अनुभवों के आधार पर अब सूचना के मोर्चे पर तेजी से प्रतिक्रिया देने की व्यवस्था मजबूत की जाएगी।
आरोपों पर तुरंत जवाब देने की तैयारी
कार्यशाला को संबोधित करते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने कहा कि गलत जानकारी या नकारात्मक प्रचार के सामने आने पर उसका तथ्यात्मक जवाब समय पर दिया जाना जरूरी है। इसी उद्देश्य से क्विक रिस्पांस टीम बनाने का निर्णय लिया गया है। यह टीम किसी मुद्दे पर सामने आने वाली भ्रामक खबर या आरोप की पड़ताल कर जल्द तथ्य सामने रखने का काम करेगी।
बूथ स्तर तक डिजिटल नेटवर्क मजबूत करने पर जोर
भाजपा प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह ने कार्यशाला में सोशल मीडिया की भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं को डिजिटल माध्यमों के लिहाज से मजबूत किया जाएगा। पार्टी इंटरनेट मीडिया को केवल प्रचार का जरिया नहीं, बल्कि लोगों के साथ लगातार संवाद कायम करने का मंच मान रही है।
राष्ट्रीय संयोजक दीपक म्हस्के ने भी कार्यकर्ताओं से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अधिक सक्रिय रहने की अपील की। पार्टी की योजना है कि संगठन का डिजिटल नेटवर्क नीचे तक मजबूत हो और कार्यकर्ता स्थानीय स्तर पर भी जनता के साथ सीधे संवाद कर सकें।
युवाओं को जोड़ने और चुनावी नैरेटिव पर फोकस
2027 के चुनाव को देखते हुए भाजपा की रणनीति में युवाओं को संगठन से जोड़ना भी प्रमुख बिंदु है। पार्टी का लक्ष्य अधिक संख्या में युवाओं को अपने साथ लाने और उन्हें डिजिटल गतिविधियों में सक्रिय करने का है। कार्यशाला में भाजपा नेताओं ने विपक्ष की रणनीति पर भी निशाना साधा। पार्टी ने दावा किया कि विपक्ष का जोर झूठ और अफवाहों पर है, जबकि भाजपा के पास सरकार की योजनाओं और विकास कार्यों का आधार है। इसी सोच के साथ पार्टी चुनाव से करीब छह महीने पहले ही मीडिया, सोशल मीडिया और संगठनात्मक स्तर पर अपनी तैयारियों को गति देने में जुट गई है।
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