पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoK) में जारी विरोध प्रदर्शनों(PoK Massive protest) के बीच शनिवार, 26 सितंबर को मंढोल गांव में एक बड़ी रैली आयोजित की गई। यह इलाका नियंत्रण रेखा (LoC) से करीब सात किलोमीटर दूर बताया जाता है। आयोजकों के अनुसार, प्रदर्शन में लगभग 25 हजार लोग शामिल हुए। यह प्रदर्शन जम्मू कश्मीर जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JKJAAC) के आंदोलन से जुड़ा बताया गया है।
रैली को संबोधित करते हुए JKJAAC के प्रमुख नेताओं में शामिल सरदार अमान खान ने LoC को खत्म करने और वहां लगी फेंसिंग हटाने की मांग उठाई। उन्होंने लोगों से पूछा कि क्या सीजफायर लाइन को समाप्त करने के लिए आंदोलन किया जाना चाहिए। रिपोर्ट के मुताबिक, भीड़ ने इस सवाल का समर्थन किया। इसके बाद पुंछ और मेंढर से जुड़े पुराने रास्तों को दोबारा खोलने का मुद्दा भी उठाया गया। अमान खान ने इस मांग को लेकर भी लोगों से समर्थन मांगा और भीड़ की ओर से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिलने की बात सामने आई है।
पाकिस्तान की सेना पर लगाए आरोप
रैली में अमान खान ने पाकिस्तान के प्रशासन और सेना पर कई आरोप भी लगाए। उन्होंने दावा किया कि LoC क्षेत्र में तनाव के दौरान स्थानीय लोगों ने पाकिस्तानी सैनिकों की मदद की थी। उनका आरोप है कि इसके बावजूद बाद में विरोध प्रदर्शन करने वाले स्थानीय लोगों पर कार्रवाई की गई। ये आरोप अमान खान के हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि रिपोर्टों में नहीं हुई है।
आंदोलन का अगला चरण क्या?
मंढोल की रैली को PoK में जून से जारी आंदोलन की अगली कड़ी बताया गया है। इससे पहले भी क्षेत्र के अलग-अलग हिस्सों में प्रदर्शन हो चुके हैं। अमान खान ने LoC के पास धरना आयोजित करने की बात कही है। इस प्रस्तावित प्रदर्शन के जरिए फेंसिंग हटाने और पुराने संपर्क मार्ग खोलने की मांग आगे बढ़ाने की बात कही गई है।