Strict Security in DDA Parks: डीडीए पार्कों में सूर्यास्त के बाद सुरक्षा व्यवस्था और सख्त की जाएगी। कई प्रवेश द्वार वाले बड़े पार्कों में शाम के बाद केवल चुनिंदा गेट से ही लोगों को प्रवेश दिया जाएगा। इसके साथ ही सीसीटीवी कैमरों, लाइटिंग, पेट्रोलिंग और सुरक्षा गार्डों की तैनाती बढ़ाने की योजना है। डीडीए ने सभी पार्कों का सुरक्षा ऑडिट एक सप्ताह के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
3 हजार से ज्यादा गार्ड तैनात
डीडीए के मुताबिक, राजधानी के पार्कों में पहले से ही 3 हजार से ज्यादा सुरक्षा गार्ड तैनात हैं। अब उनकी ड्यूटी ऐसे स्थानों पर प्राथमिकता से लगाई जाएगी, जहां अंधेरा रहता है, रास्ते सुनसान हैं या प्रवेश और निकास के पॉइंट कमजोर हैं। इसका उद्देश्य पार्कों में आने वाले लोगों की सुरक्षा को बेहतर करना है।
पार्कों में लगेंगे सूचना बोर्ड
सुरक्षा व्यवस्था के तहत सभी पार्कों में सुरक्षा नियमों, इमरजेंसी नंबर और जरूरी जानकारी वाले बोर्ड लगाए जाएंगे। इससे किसी आपात स्थिति में लोगों को जरूरी जानकारी आसानी से मिल सकेगी। हालांकि डीडीए अधिकारियों का कहना है कि कुछ जगह सुरक्षा गार्डों की संख्या बढ़ाए जाने के बाद लोगों की ओर से यह सुझाव भी आने लगे हैं कि ज्यादा सुरक्षा व्यवस्था के कारण वे पार्क में खुद को सहज महसूस नहीं कर रहे हैं।
इन पार्कों पर खास नजर
हालिया पड़ताल में आस्था कूज, बुद्धा जयंती पार्क, रोहिणी का स्वर्ण जयंती पार्क, विजय मंडल पार्क, संजय झील पार्क, डियर पार्क और शालीमार बाग के शीश महल पार्क समेत कुछ प्रमुख पार्कों में डार्क स्पॉट और सुरक्षा से जुड़ी कमियां सामने आई हैं। ऐसे स्थानों पर सुरक्षा इंतजामों को प्राथमिकता के आधार पर मजबूत किया जाएगा।
सुरक्षा के साथ सुविधा भी चुनौती
बड़े पार्कों में चुनिंदा गेट से प्रवेश की व्यवस्था करने से निगरानी आसान हो सकती है, लेकिन इससे पार्क में आने वाले लोगों को अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ सकती है। वहीं, अधिक सुरक्षाकर्मियों की तैनाती को लेकर भी कुछ जगह लोगों ने असुविधा महसूस होने की शिकायत की है। ऐसे में डीडीए के सामने सुरक्षा बढ़ाने के साथ लोगों की सुविधा बनाए रखने की चुनौती भी है।
फीस वाले पार्कों की संख्या बढ़ी
डीडीए ने कुछ विकसित पार्कों में 20 से 50 रुपये तक की एंट्री फीस लेना भी शुरू किया है। इनमें बांसेरा, असिता, महरौली आर्कियोलॉजिकल पार्क, वाटिका, क्रांति उद्यान, सेक्टर-16 द्वारका पार्क, वैष्णवी नर्सरी, वासुदेव घाट, सद्भावना पार्क, अमृत बायोडायवर्सिटी पार्क और लाला हरदयाल पार्क शामिल हैं।
फीस को सुरक्षा से जोड़ा
डीडीए की ओर से एंट्री फीस को पार्कों में सुरक्षा और सुविधाओं से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, पार्कों में प्रवेश शुल्क लगाए जाने का लोग विरोध भी कर रहे हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में सुरक्षा व्यवस्था के साथ एंट्री फीस को लेकर लोगों की प्रतिक्रिया भी महत्वपूर्ण रहेगी।
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