इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के मंच से अपने सैन्य अभियानों का जिक्र करते हुए एक पेजर हाथ में उठाया। उन्होंने मौजूद लोगों से पूछा कि क्या उन्हें पेजर याद हैं। इसके बाद नेतन्याहू ने कहा कि हिज्बुल्लाह के लोग इन्हें जरूर याद रखते होंगे। पेजर दिखाए जाने के दौरान सभा में मौजूद कुछ लोगों ने तालियां भी बजाईं।
भाषण शुरू होते ही कई देशों के प्रतिनिधियों ने छोड़ा हॉल
नेतन्याहू के भाषण के दौरान कई देशों के राजनयिक प्रतिनिधि हॉल से बाहर निकल गए। इसके चलते कई सीटें खाली दिखाई दीं। इस पर इजरायली पीएम ने वॉकआउट करने वाले प्रतिनिधियों को ‘मोरल कायर’ कहा। उन्होंने कहा कि अगर कोई और व्यक्ति भी हॉल में बैठा है और जाने की इच्छा रखता है तो वह भी बाहर जा सकता है। इसके बाद नेतन्याहू ने ईरान के खिलाफ इजरायल की सैन्य कार्रवाई का बचाव किया। उन्होंने कहा कि ईरान के परमाणु ठिकानों को निशाना बनाने का फैसला उनके प्रधानमंत्री के रूप में लिए गए आसान फैसलों में से एक था। इसी क्रम में उन्होंने लेबनान में हुए पेजर विस्फोटों का भी उल्लेख किया।
2024 में पेजर और वॉकी-टॉकी में हुए थे धमाके
नेतन्याहू जिस घटना का जिक्र कर रहे थे, वह सितंबर 2024 में लेबनान में हुई थी। 17 सितंबर को बड़ी संख्या में पेजर में एक साथ विस्फोट हुए थे। इसके अगले दिन हैंडहेल्ड वॉकी-टॉकी में भी धमाके हुए। इन घटनाओं में 9 लोगों की मौत और करीब 3,000 लोगों के घायल होने की रिपोर्ट सामने आई थी। इजरायल ने इन घटनाओं को हिज्बुल्लाह के खिलाफ अपने अभियान का हिस्सा बताया था। हमलों के बाद संगठन के संचार नेटवर्क पर असर पड़ने की बात सामने आई थी।
नेतन्याहू ने गिनाए सात मोर्चे
अपने भाषण में इजरायली प्रधानमंत्री ने पिछले तीन वर्षों के संघर्ष को ‘सात मोर्चों की जंग’ के तौर पर पेश किया। उन्होंने हमास, हिज्बुल्लाह, हूती, ईरान, इराक, सीरिया में सक्रिय मिलिशिया और वेस्ट बैंक में फिलिस्तीनी लड़ाकों का उल्लेख किया। नेतन्याहू ने दावा किया कि इजरायल के सैनिकों ने इन सभी मोर्चों पर लड़ाई लड़ी है और हमास तथा हिज्बुल्लाह को भारी नुकसान पहुंचाया है। उनके ये दावे उनके भाषण में इजरायल की सैन्य कार्रवाई के संदर्भ में किए गए थे।
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