नागपुर से मुंबई जा रही दुरंतो एक्सप्रेस पर पत्थर फेंके जाने की घटना सामने आई है। 25 सितंबर की रात बोरखेड़ी-सिंदी सेक्शन के बीच ट्रेन नंबर 12290 की खिड़कियों पर बाहर से पत्थर जैसी वस्तु आकर लगी। इससे A-1, B-2 और B-5 कोच की खिड़कियों के शीशे टूट गए। घटना के बाद ट्रेन को वर्धा स्टेशन पर रोककर जांच की गई। करीब आधे घंटे की जांच के बाद ट्रेन को मुंबई के लिए रवाना कर दिया गया। रेलवे पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि ट्रेन पर पत्थर किसने फेंका था।
रात करीब 8:27 बजे हुई घटना
रेलवे के मुताबिक, 25 सितंबर को करीब 8:27 बजे ट्रेन बोरखेड़ी स्टेशन से आगे बढ़ी थी। इसी दौरान यात्रियों और एस्कॉर्ट स्टाफ ने खिड़कियों पर बाहर से किसी वस्तु के टकराने की जानकारी दी। घटना में तीन कोचों की खिड़कियों के शीशे टूटे। शुरुआती जानकारी में किसी यात्री के घायल होने की पुष्टि नहीं हुई है। ट्रेन के वर्धा पहुंचने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने करीब आधे घंटे तक जांच की। RPF और GRP की टीमों ने बोरखेड़ी-सिंदी सेक्शन में किलोमीटर 803 से 796 तक तलाशी अभियान चलाया। बोरखेड़ी और ब्राह्मणी गांव के आसपास के इलाकों में भी जांच की गई। पुलिस ने स्थानीय निवासियों और पुलिस पाटिल से पूछताछ की, लेकिन मौके से कोई संदिग्ध व्यक्ति या ठोस सबूत नहीं मिला।
🚨 The stone pelting on Indian trains is a serious issue. 🙏🏽 pic.twitter.com/hASYhCXPub
— Indian Tech & Infra (@IndianTechGuide) September 26, 2026
RPF- GRP ने इलाके में चलाया सर्च ऑपरेशन
जांच के दौरान एस्कॉर्ट स्टाफ और यात्रियों ने बताया कि करीब 20:27 बजे बाहर से किसी चीज या पत्थर ने ट्रेन की खिड़कियों को टक्कर मारी थी। हालांकि, अभी तक घटना की सटीक जगह और पत्थर फेंकने वाले व्यक्ति की पहचान नहीं हो पाई है। रेलवे पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आसपास के इलाके की जांच और अन्य संभावित सुराग जुटाने का काम जारी रखा है। CCTV या अन्य तकनीकी साक्ष्यों के जरिए भी आरोपी तक पहुंचने की कोशिश की जा सकती है।
अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ रेलवे एक्ट में केस
26 सितंबर को दोपहर 2:55 बजे अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ रेलवे एक्ट की धारा 153 के तहत केस दर्ज किया गया। मामले में अपराध संख्या 325/2026 दर्ज की गई है और जांच जारी है। ट्रेनों पर पत्थर फेंकने की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं। रेलवे की संपत्ति को नुकसान पहुंचने के साथ ऐसी घटनाएं यात्रियों की सुरक्षा के लिए भी खतरा पैदा कर सकती हैं।
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