उज्जैन में सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के तहत चल रहे सड़क चौड़ीकरण के दौरान छत्री चौक स्थित शाही मस्जिद के हिस्से को हटाए जाने का विवाद बढ़ता जा रहा है। सोमवार को संवेदनशील इलाकों में दोबारा तनाव की स्थिति बनी और पुलिस पर पथराव की घटना सामने आई। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। स्थिति को देखते हुए सब्जी मार्केट और आसपास के इलाकों में पुलिस की तैनाती बढ़ा दी गई है। प्रशासन की ओर से लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी तरह की अफवाह पर भरोसा नहीं करने की अपील की गई है।
सुबह पथराव में महिला थाना प्रभारी घायल
इससे पहले सुबह भी प्रदर्शन के दौरान पुलिस टीम पर पथराव हुआ था। भीड़ को हटाने के लिए पुलिस ने आंसू गैस का इस्तेमाल किया था। इस घटना में एक महिला थाना प्रभारी के घायल होने की जानकारी सामने आई है। बाद में हालात को नियंत्रित करने के लिए संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर स्थिति की निगरानी कर रहे हैं।
नाका चौराहे पर चक्काजाम से यातायात प्रभावित
शाही मस्जिद में की गई कार्रवाई के विरोध में बड़ी संख्या में लोग उज्जैन-आगर मार्ग के नाका चौराहे पर जुट गए। प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर चक्काजाम कर दिया। महिलाओं और युवाओं की भी बड़ी संख्या में मौजूदगी रही और नारेबाजी के कारण मुख्य मार्ग पर यातायात प्रभावित हुआ। पुलिस ने स्थिति को संभालने और रास्ता खुलवाने के लिए कार्रवाई की। इसके बाद संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई।
10 लोगों पर FIR दर्ज
पुलिस ने शांति व्यवस्था प्रभावित करने और कथित तौर पर अफवाह फैलाने के मामले में 10 लोगों के खिलाफ नामजद FIR दर्ज की है। इनमें पांच सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स भी शामिल हैं। पुलिस का आरोप है कि इन लोगों ने भड़काऊ सामग्री या अफवाहें प्रसारित कीं। उनकी गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। इसके अलावा शहर के बाहर से आए पांच संदिग्ध लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। संवेदनशील इलाकों में 2,000 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद हैं और ड्रोन कैमरों के जरिए निगरानी की जा रही है।
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