BRICS Summit 2026: राष्ट्रीय राजधानी में शनिवार से शुरू होने वाले 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को लेकर सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है। दिल्ली पुलिस के करीब 15,000 जवानों के साथ अर्धसैनिक बलों की 200 कंपनियां तैनात की गई हैं। भारत मंडपम में होने वाले सम्मेलन के दौरान नई दिल्ली इलाके में 500 से ज्यादा CCTV कैमरों के जरिए हर गतिविधि पर नजर रखी जाएगी।
24 घंटे निगरानी
सुरक्षा व्यवस्था के तहत हाई-रिजॉल्यूशन कैमरों के अलावा चेहरे की पहचान करने वाली प्रणाली और वाहनों की नंबर प्लेट पहचानने वाले कैमरे भी लगाए गए हैं। इनकी मदद से चौबीसों घंटे निगरानी की जाएगी। एयरपोर्ट, विदेशी नेताओं के ठहरने वाले होटल, भारत मंडपम और उनके आने-जाने वाले अन्य स्थानों को सुरक्षा घेरे में रखा गया है।
VVIP मूवमेंट पर फोकस
विदेशी राष्ट्राध्यक्षों के काफिलों की आवाजाही के दौरान कुछ मार्गों पर थोड़े समय के लिए ट्रैफिक रोका जा सकता है। जरूरत के अनुसार रूट डायवर्जन और कुछ रास्तों पर अस्थायी प्रतिबंध भी लागू किए जाएंगे। हालांकि, दिल्ली यातायात पुलिस ने साफ किया है कि सम्मेलन के कारण पूरी दिल्ली बंद नहीं होगी।
आम लोगों को कम परेशानी
अधिकारियों के मुताबिक जहां सुरक्षा परिस्थितियां अनुमति देंगी, वहां यातायात सामान्य रूप से चलता रहेगा। विदेशी नेताओं के काफिले के गुजरने के दौरान आम वाहनों को कितनी देर रोका जाएगा, इसकी कोई निश्चित समय-सीमा नहीं होगी। सुरक्षा स्थिति के आधार पर वाहनों को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा, ताकि आम जनता को कम से कम परेशानी हो।
एडवाइजरी देखकर निकलें
दिल्ली यातायात पुलिस पहले ही ट्रैफिक एडवाइजरी जारी कर चुकी है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार, आम लोगों की असुविधा कम रखने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। लोगों को सलाह दी गई है कि वे यात्रा से पहले प्रभावित मार्गों और ट्रैफिक व्यवस्था की जानकारी जरूर देख लें।
कई बड़े नेता पहुंच रहे
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन शुक्रवार सुबह ही शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए दिल्ली पहुंच गए हैं। चीन ने भी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के सम्मेलन में शामिल होने की पुष्टि की है। सात साल के अंतराल के बाद यह भारत की उनकी पहली यात्रा होगी। सम्मेलन में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा, मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी, अबू धाबी के शहजादे मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान, संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस और विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के प्रमुख समेत अन्य प्रमुख नेता भी शामिल होंगे।
35 से ज्यादा सड़कें प्रभावित
यातायात पुलिस के अनुसार सम्मेलन के दौरान दिल्ली की 35 से अधिक सड़कें प्रभावित हो सकती हैं। इनमें मथुरा रोड, सरदार पटेल मार्ग, शांति पथ, जनपथ, अशोका रोड, बाराखंभा रोड, टॉल्स्टॉय मार्ग, अफ्रीका एवेन्यू रोड, नीति मार्ग, पंचशील मार्ग और एपीजे अब्दुल कलाम रोड प्रमुख हैं। साकेत के होटल से मध्य दिल्ली के बीच मिस्र के प्रतिनिधिमंडल की आवाजाही के चलते खासकर व्यस्त समय में दक्षिणी दिल्ली की सड़कों पर यातायात का दबाव बढ़ सकता है।
70-80 से ज्यादा हाई-सिक्योरिटी मूवमेंट
सम्मेलन के दौरान रोजाना कई बार ‘हाई-सिक्योरिटी मूवमेंट’ होंगे। अधिकारियों के मुताबिक किसी विदेशी नेता को एयरपोर्ट से होटल, होटल से सम्मेलन स्थल और वहां से द्विपक्षीय बैठकों या अन्य कार्यक्रमों में ले जाने के दौरान एक दिन में करीब 70-80 या उससे अधिक ‘हाई-सिक्योरिटी मूवमेंट’ हो सकते हैं। हर वीवीआईपी आवाजाही के लिए अलग यातायात नियंत्रण, मार्गों पर प्रवेश प्रतिबंध और रूट डायवर्जन करना होगा। यही वजह है कि आम यात्रियों पर इसका असर सामान्य वीआईपी दौरे की तुलना में अधिक रहने की संभावना है।
सुरक्षा का खास इंतजाम
दिल्ली पुलिस ने वीवीआईपी आवाजाही के लिए निर्धारित मार्गों का व्यापक निरीक्षण किया है। सुरक्षा व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए विभिन्न सरकारी एजेंसियों और पड़ोसी राज्यों के अधिकारियों के साथ कई बैठकें भी की गई हैं। सम्मेलन स्थल और होटलों में प्रवेश नियंत्रण, पहचान सत्यापन, खुफिया जानकारी जुटाने, ट्रैफिक प्रबंधन और आपातकालीन प्रतिक्रिया के लिए अतिरिक्त व्यवस्थाएं की गई हैं।
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