उत्तर प्रदेश के बिजनौर में ठगी का एक बेहद हैरान करने वाला और अनोखा मामला सामने आया है, जहाँ दो शातिर ठगों ने एक 70 वर्षीय बुजुर्ग को ‘मौसा जी’ कहकर और पैर छूकर आशीर्वाद लिया, फिर मौका पाते ही उनकी सोने की अंगूठी लेकर फरार हो गए। पीड़ित सुभाष कुमार वर्मा 13 सितंबर को रोजाना की तरह बाजार से सामान खरीदने निकले थे। रास्ते में मिले दो अनजान युवकों ने उनसे ऐसी आत्मीयता जताई कि बुजुर्ग को उनके इरादों पर रत्ती भर भी शक नहीं हुआ। बिजनौर पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
चरणबद्ध तरीके से बुजुर्ग का जीता विश्वास
पुलिस के अनुसार, दोनों जालसाजों ने बुजुर्ग को रोककर ‘मौसा जी’ संबोधित किया और एक युवक ने आगे बढ़कर उनके पैर छुए। बुजुर्ग से आशीर्वाद लेने के बाद एक आरोपी ने फोन पर बात करने का नाटक करते हुए कहा कि उसे किसी को देने के लिए सोने की अंगूठी खरीदनी है। उसने सुभाष कुमार की अंगूठी के डिजाइन की सराहना की और देखने के लिए मांगी। भरोसा जीतने के लिए आरोपियों ने पहली बार अंगूठी देखकर तुरंत वापस कर दी। इसके बाद उसी डिजाइन को दोबारा देखने का बहाना बनाकर दूसरी बार अंगूठी ली और उसे पहनकर गायब हो गए।
‘पत्नी घर पर है’ का झांसा देकर हुए नौ दो ग्यारह
अंगूठी लेकर रफूचक्कर होते समय आरोपियों ने बुजुर्ग से झूठ बोला कि उनकी पत्नी उनके घर पर बैठी हैं और वे भी वहीं पहुंच रहे हैं। जब सुभाष कुमार वर्मा अपने घर पहुंचे तो वहां कोई नहीं मिला, तब उन्हें ठगी का अहसास हुआ। पीड़ित की शिकायत पर सिटी कोतवाली पुलिस ने जांच शुरू की और उत्तराखंड के नैनीताल निवासी विनोद कुमार शर्मा व बरेली निवासी कालीचरण को धर दबोचा। पुलिस ने इनके पास से पीड़ित की अंगूठी और वारदात में इस्तेमाल बिना नंबर की काले रंग की बाइक बरामद की है।
बिना OTP और फर्जी कॉल के केवल भरोसे से शिकार
यह मामला इसलिए भी अहम है क्योंकि इसमें किसी बैंक कॉल, लिंक या डिजिटल फ्रॉड का इस्तेमाल नहीं हुआ। ठगों ने केवल सम्मान, पैर छूने और फर्जी रिश्तेदारी के जरिए बुजुर्ग का भावनात्मक फायदा उठाया। पुलिस अब दोनों गिरफ्तार आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ कर रही है ताकि क्षेत्र में हुई अन्य संभावित वारदातों का पता लगाया जा सके।
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