संभल हिंसा मामले में आरोपी मुल्ला अफरोज की प्रिवेंटिव डिटेंशन पर सुप्रीम कोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कहा कि पुलिस हिरासत में दिए गए कबूलनामे को आधार बनाकर किसी व्यक्ति के खिलाफ नेशनल सिक्योरिटी एक्ट (NSA) के तहत प्रिवेंटिव डिटेंशन का आदेश नहीं दिया जा सकता। मामले में सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार पर 10 लाख रुपये की कॉस्ट भी लगाई है।
सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे अफरोज
मुल्ला अफरोज को 13 अक्टूबर 2025 को NSA की धारा 3(2) के तहत हिरासत में लिया गया था। वह 2024 में संभल की शाही जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान हुई हिंसा के मामले में आरोपी बनाए गए थे। इस हिंसा में चार लोगों की मौत हुई थी। अफरोज ने अपनी हिरासत को इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी थी, लेकिन जून 2026 में उनकी याचिका खारिज कर दी गई। हाईकोर्ट ने माना था कि संबंधित अधिकारी ने रिकॉर्ड पर मौजूद सामग्री और अपनी संतुष्टि के आधार पर हिरासत का फैसला लिया था। इसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में स्पेशल लीव पिटीशन दाखिल की।
पुलिस हिरासत के कबूलनामे पर उठे सवाल
सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस शील नागू की बेंच के सामने मुख्य मुद्दा यह था कि क्या पुलिस हिरासत में दिए गए कथित कबूलनामे को NSA के तहत प्रिवेंटिव डिटेंशन का आधार बनाया जा सकता है। सुनवाई के दौरान बेंच ने उत्तर प्रदेश सरकार से इसी पहलू पर सवाल किए। अफरोज की ओर से दलील दी गई कि हिंसा के मामले में उन्हें बाद में कथित कबूलनामे के आधार पर जोड़ा गया था। वहीं, राज्य सरकार का कहना था कि हिंसा के बाद इलाके की कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक शांति प्रभावित हुई थी और भविष्य में ऐसी गतिविधियों को रोकने के लिए हिरासत जरूरी थी।
8 सितंबर को फैसला रखा था सुरक्षित
सुप्रीम कोर्ट ने 8 सितंबर को मामले की सुनवाई पूरी करने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कथित कबूलनामे की कानूनी प्रासंगिकता और उसके आधार पर की गई प्रिवेंटिव डिटेंशन पर विशेष रूप से विचार किया। फैसले में कोर्ट ने स्पष्ट किया कि पुलिस हिरासत में दिए गए ऐसे कबूलनामे को प्रिवेंटिव डिटेंशन का आधार नहीं बनाया जा सकता। इसी के साथ कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार पर 10 लाख रुपये की कॉस्ट लगाई। मामले में यूपी सरकार के अलावा संभल के जिला मजिस्ट्रेट समेत अन्य अधिकारी प्रतिवादी थे।
Read More


[…] सुप्रीम कोर्ट ने लगाया यूपी सरकार पर 10 … […]