पंजाब(Punjab) में खरीफ सीजन 2026-27 के तहत धान की सरकारी खरीद 1 अक्टूबर से शुरू होने जा रही है। खरीद शुरू होने से पहले ही राज्य की कई मंडियों में धान पहुंचना शुरू हो गया है। इस बार फसल जल्दी तैयार होने के कारण किसान समय से पहले ही अपनी उपज मंडियों में लेकर पहुंच रहे हैं। सरकार का कहना है कि किसानों को खरीद के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए जरूरी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री लाल चंद कटारूचक के मुताबिक, अक्टूबर की खरीद के लिए राज्य को 42,786.68 करोड़ रुपये की कैश क्रेडिट लिमिट (CCL) मिल चुकी है। इससे किसानों को उनकी उपज का भुगतान करने की व्यवस्था में मदद मिलेगी। इस सीजन में केंद्र के लिए कुल 180 लाख मीट्रिक टन धान खरीदने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। ग्रेड-ए धान का MSP 2,461 रुपये प्रति क्विंटल, जबकि सामान्य धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,441 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है।
1,887 मंडियों में होगी खरीद
धान खरीद के लिए पंजाब में 1,887 मंडियों को अधिसूचित किया गया है। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त खरीद केंद्र भी खोले जा सकते हैं। मंडियों में अनाज की पैकिंग के लिए करीब 5 लाख बारदाना उपलब्ध कराया गया है।
सरकार के अनुसार मंडियों में पेयजल, बिजली, साफ-सफाई और चिकित्सा जैसी मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही दूसरे राज्यों से धान की आवक रोकने के लिए निगरानी बढ़ाने को कहा गया है।
भंडारण की चुनौती भी सामने
सरकारी खरीद के साथ धान के भंडारण और उठान की चुनौती भी बनी हुई है। रिपोर्ट के अनुसार राज्य में पहले से करीब 275-280 लाख टन खाद्यान्न मौजूद है जबकि उपलब्ध भंडारण क्षमता लगभग 180 लाख टन बताई गई है।
नई फसल के लिए जगह बनाने के उद्देश्य से कस्टम मिलिंग नीति में बदलाव किया गया है। अब वे राइस मिलें नई फसल का धान ले सकेंगी जिन्होंने पिछली फसल का कम से कम 90 प्रतिशत चावल सरकारी एजेंसियों को सौंप दिया है।