Kalkaji Gangrape Case: कालकाजी के आस्था कुंज पार्क में 17 वर्षीय लड़की के साथ गैंगरेप मामले में पीड़िता ने पुलिस और कोर्ट के सामने घटना का सिलसिलेवार बयान दिया है। तीनों आरोपी गिरफ्तार हैं और CCTV समेत अन्य सबूतों की जांच जारी है।
पीड़िता ने सुनाई आपबीती
कालकाजी गैंगरेप केस में 17 साल की पीड़िता ने पुलिस और कोर्ट के सामने अपने साथ हुई घटना का बयान दर्ज कराया है। पीड़िता के मुताबिक, वह अपने जन्मदिन पर कालकाजी मंदिर में पूजा करने गई थी। इसके बाद वह अपने दोस्त के साथ आस्था कुंज पार्क पहुंची, जहां तीन युवकों ने खुद को पुलिसकर्मी बताकर दोनों को रोक लिया और घटना को अंजाम दिया।
मेट्रो से चिप्स और पानी खरीदा
पीड़िता के बयान के अनुसार, शाम करीब 5 बजे वह घर से ऑटो से निकली थी और करीब 5:45 बजे कालकाजी मंदिर पहुंची। करीब 7 बजे मंदिर से निकलने के बाद उसने कालकाजी मेट्रो स्टेशन के बाहर से चिप्स और पानी खरीदा। इसके बाद वह अपने दोस्त के साथ गेट नंबर-7 से पार्क में गई। दोनों कुछ देर बैठकर चिप्स खाने वाले थे।
दरिंदों ने खुद को पुलिसकर्मी बताया
पीड़िता ने बताया कि ”पार्क में बेंच पर बैठने के दौरान करीब 30 से 35 वर्ष की उम्र के तीन युवक वहां पहुंचे। उन्होंने उसके दोस्त को पकड़कर उसके साथ मारपीट की और खुद को पुलिसकर्मी बताया। आरोपियों ने दोनों के मोबाइल फोन भी अपने कब्जे में ले लिए और पार्क में आने को लेकर सवाल किए।
जब हमने पूछा कि वे कौन हैं, तो उन्होंने खुद को पुलिसकर्मी बताया और पूछा कि हम वहां क्यों हैं, क्योंकि वहां आना मना था। फिर उनमें से एक आदमी मेरे दोस्त समीर को दूसरी तरफ ले गया। उन्होंने हमारे मोबाइल फोन भी छीन लिए। इसके बाद, उनमें से दो आदमियों ने झाड़ियों की ओर इशारा किया और मुझसे वहां जाने को कहा। डरी हुई हालत में, मैंने उनसे कहा कि वे जो कुछ भी पूछना चाहते हैं, यहीं पूछें और मेरी माँ से बात करें।
तभी, उनमें से एक आदमी ने कहा, ‘आसिफ़ भाई, बंदूक निकालो।’ आसिफ़ नाम के उस आदमी ने बैंगनी रंग की शर्ट पहनी थी और वह तीनों में सबसे भारी-भरकम शरीर वाला था। आसिफ़ ने एक काली बंदूक निकाली, लेकिन थोड़ी देर बाद उसे वापस अपनी जेब में रख लिया।
इसके बाद, दोनों आदमियों ने चाकू निकाले और मुझे एक सुनसान, अंधेरी जगह पर ले गए।” आसिफ़ ने मेरे सारे कपड़े उतार दिए और मुझे एक लाल बेंच पर लिटा दिया। फिर, उसने दूसरे लड़के से कहा, “हेमू, यहाँ नज़र रख, ध्यान रखना कि कोई इस तरफ़ न आए।” आसिफ़ ने मेरी गर्दन पर चाकू रखकर मेरे साथ ज़बरदस्ती की। मुझे बहुत दर्द हो रहा था और मैं रो रही थी। इसके बाद, आसिफ़ ने हेमू से कहा, “हेमू, अब तुम, मैं दीपू के पास जा रहा हूँ।”
फिर, हेमू मुझे पास की एक दूसरी बेंच पर ले गया। उसने भी मेरी गर्दन पर चाकू रखा और मेरे साथ ज़बरदस्ती की। इसके बाद, तीसरा लड़का आया, जिसे वे दोनों दीपू बुला रहे थे। उसने भी मेरी गर्दन पर चाकू रखा और मेरे साथ ज़बरदस्ती की।
उसके बाद, उन्होंने मुझसे जल्दी से कपड़े पहनने को कहा। उन्होंने मुझे मेरी टी-शर्ट और जींस तो वापस दे दीं, लेकिन मेरी ब्रा वापस नहीं दी। मैंने अपने कपड़े पहन लिए। फिर, वे समीर को भी वापस ले आए। उन्होंने हमारे मोबाइल फ़ोन वापस कर दिए और धमकी दी कि अगर हम तुरंत वहाँ से नहीं गए, तो वे हमें मार डालेंगे। उन्होंने हमें यह भी चेतावनी दी कि जो कुछ हुआ है, उसके बारे में किसी को न बताएँ। फिर, वे हमें पार्क से बाहर ले गए। मैंने समीर को पूरी घटना के बारे में बताया। इसके बाद समीर ने PCR को फ़ोन किया। थोड़ी देर बाद, पुलिस आ गई।”
क्या है पूरा मामला
यह घटना 21 सितंबर को दिल्ली के कालकाजी स्थित आस्था कुंज पार्क में हुई थी। पुलिस के अनुसार, तीन आरोपियों ने खुद को पुलिसकर्मी बताकर पीड़िता और उसके दोस्त को रोका और कथित तौर पर धमकाकर वारदात को अंजाम दिया। मामले में तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
आसिफ हुआ गिरफ्तार
मामले के एक आरोपी आसिफ को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया था। पुलिस अब मामले से जुड़े अन्य सबूतों को जुटाने में लगी है और आरोपियों की भूमिका की जांच की जा रही है।
जांच में जुटी पुलिस
जानकारी के मुताबिक, पुलिस अब तक 12 गवाहों के बयान दर्ज कर चुकी है। इसके अलावा घटनास्थल और आसपास के CCTV फुटेज तथा कॉल रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है। जांच एजेंसियां मामले से जुड़े सभी तथ्यों और आरोपों की पुष्टि करने में जुटी हैं।
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