नेपाल में पिछले तीन दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश ने पूरे देश में भारी तबाही मचा रखी है। रविवार को नेपाल के पहाड़ी इलाके से एक बेहद खौफनाक तस्वीर सामने आई, जहाँ देखते ही देखते पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा भरभराकर नीचे बह रही काली गंडकी नदी में समा गया। महज कुछ ही सेकेंड में चट्टानों और मिट्टी का विशाल मलबे का सैलाब ढलान से नीचे आया, जिससे नदी का प्राकृतिक मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया। इस खौफनाक मंज़र के दौरान आसपास मौजूद लोग घबराकर चीखते-चिल्लाते नजर आए।
A massive landslide has struck Nepal and the footage is hard to believe
It looks like an entire mountain collapsed in seconds pic.twitter.com/P3vUPZMj6X
— Surajit (@surajit_ghosh2) September 28, 2026
24 लोगों की मौत और कई अब भी लापता
नेपाल में जारी इस प्राकृतिक आपदा के कारण अब तक कम से कम 24 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 14 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार सबसे ज्यादा तबाही बागलुंग जिले में हुई जहाँ 10 लोगों की मौत दर्ज की गई है। इसके अलावा म्याग्दी में 6, पाल्पा में 5, मनांग में 2 और धनुषा जिले में 1 व्यक्ति की जान गई है। राहत और बचाव दल लापता लोगों की तलाश में जुटे हैं, जिनमें मनांग के 10 और म्याग्दी के 3 नागरिक शामिल हैं।
5 जिलों में तबाही और 1,500 लोग विस्थापित
इस भीषण बारिश और भूस्खलन का सबसे बुरा असर मनांग, म्याग्दी, बागलुंग, पर्वत और पाल्पा जिलों पर पड़ा है। दक्षिणी तराई के इलाकों में भी नदियाँ उफान पर हैं और बड़े पैमाने पर कटाव हो रहा है। प्राकृतिक आपदा के कारण अब तक 747 परिवार सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं, जबकि पूरे देश में 143 घर पूरी तरह जमींदोज हो गए हैं। जान-माल के भारी खतरे को देखते हुए लगभग 1,500 से अधिक लोगों को अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने के लिए मजबूर होना पड़ा है।
पर्वत जिले में सबसे अधिक तबाही
आपदा प्रबंधन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक गंडकी प्रांत और पर्वत जिले में संपत्ति का भारी नुकसान हुआ है। केवल पर्वत जिले में ही 106 मकान पूरी तरह से नष्ट हो चुके हैं, जिससे 162 परिवारों के लगभग 540 लोग बेघर हो गए हैं। लगातार हो रही बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर ने सड़कों, पुलों और बुनियादी सुविधाओं को तहस-नहस कर दिया है, जिससे राहत कार्यों में भी काफी बाधाएँ आ रही हैं।
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