एशियन गेम्स में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन जारी है। एथलेटिक्स में गुलवीर सिंह ने पुरुष 1500 मीटर में रजत पदक अपने नाम किया, जबकि वित्या रामराज ने महिला 400 मीटर बाधा दौड़ में कांस्य पदक जीता। मुक्केबाजी में कपिल पोखारिया ने भी सेमीफाइनल में पहुंचकर भारत का एक और पदक पक्का कर दिया।
आखिरी लैप तक आगे थे गुलवीर सिंह
पुरुष 1500 मीटर फाइनल में गुलवीर सिंह एक समय बढ़त पर थे और आखिरी लैप में सबसे आगे चल रहे थे। हालांकि, रेस के अंतिम पलों में जापान के काजुतो इजावा ने उन्हें पीछे छोड़ दिया। इजावा ने 3:36.35 मिनट का समय लेकर गोल्ड जीता, जबकि गुलवीर ने 3:36.72 मिनट में रेस पूरी कर सिल्वर हासिल किया। गुलवीर स्वर्ण से महज 0.37 सेकेंड दूर रहे। वहीं भारत के युनूस शाह 3:43.88 मिनट के समय के साथ नौवें स्थान पर रहे। 3000 मीटर स्टीपलचेज में अविनाश साबले पदक से चूक गए। उन्होंने 8:21.67 मिनट का समय निकालकर चौथा स्थान हासिल किया। पुरुष 400 मीटर बाधा दौड़ में संतोष कुमार तमिलसरन 49.95 सेकेंड के समय के साथ आठवें स्थान पर रहे।
वित्या का निजी सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन
महिला 400 मीटर बाधा दौड़ में वित्या रामराज ने 54.75 सेकेंड का समय निकालते हुए कांस्य पदक जीता। यह उनका निजी सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा। भारत की अनु राघवन भी फाइनल में उतरीं और 55.88 सेकेंड के अपने निजी सर्वश्रेष्ठ समय के साथ पांचवें स्थान पर रहीं। महिला चक्का फेंक में भारत पदक से दूर रह गया। सीमा ने 59.88 मीटर का अपना निजी सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया, लेकिन चौथे स्थान पर रहीं। सान्या यादव 49.90 मीटर के थ्रो के साथ आठवें स्थान पर रहीं।
रोशिबिना की पदकों की हैट्रिक
वुशु में रोशिबिना देवी ने 60 किग्रा सांडा वर्ग में रजत पदक जीता। इसके साथ ही उन्होंने एशियन गेम्स में लगातार तीन संस्करणों में पदक जीतने की उपलब्धि हासिल की है। रोशिबिना ने 2018 में कांस्य, 2023 में रजत और अब 2026 में भी रजत पदक अपने नाम किया। वहीं मुक्केबाजी के पुरुष 90 किग्रा वर्ग में कपिल पोखारिया ने क्वार्टर फाइनल मुकाबला जीतकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। सेमीफाइनल में पहुंचने के साथ ही उनका पदक भी पक्का हो गया है।
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