सरकारी कर्मचारियों की ट्रेनिंग और क्षमता बढ़ाने के मामले में हरियाणा(Haryana) ने देश के अन्य राज्यों के बीच बेहतर प्रदर्शन किया है। केंद्र सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) के iGOT कर्मयोगी प्लेटफॉर्म की हालिया प्रदर्शन रैंकिंग में हरियाणा ने कैटेगरी-B में पहला स्थान हासिल किया है। इस श्रेणी में 1 लाख से 5 लाख कर्मचारियों वाले राज्य शामिल हैं।
हरियाणा को 60.72 का कंपोजिट स्कोर मिला है। वहीं कर्नाटक 60.47 और तेलंगाना 60.39 अंक के साथ उसके बाद रहे। मुख्य सचिव कार्यालय के प्रशिक्षण विभाग ने इस उपलब्धि के बाद सभी प्रशासनिक सचिवों को आगे की कार्रवाई के लिए जरूरी निर्देश जारी किए हैं।
30 सितंबर तक फ्रंटलाइन कर्मचारियों की जानकारी
केंद्र की ओर से राज्य सरकार से कहा गया है कि सभी फ्रंटलाइन कर्मचारियों को iGOT कर्मयोगी प्लेटफॉर्म पर जोड़ा जाए। साथ ही 30 सितंबर 2026 तक राज्य में मौजूद कुल फ्रंटलाइन कर्मचारियों की संख्या की पुष्टि करने के निर्देश दिए गए हैं।
हर महीने करनी होगी ट्रेनिंग
कर्मचारियों की लगातार क्षमता बढ़ाने के लिए उन्हें हर महीने कम से कम एक घंटे का ऑनलाइन कोर्स या प्रशिक्षण पूरा करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। इसका उद्देश्य सरकारी कर्मचारियों को नई जानकारी और जरूरी कौशल से अपडेट रखना है।
हिंदी में तैयार होंगे स्थानीय पाठ्यक्रम
हरियाणा लोक प्रशासन संस्थान (ATI) की मदद से राज्य की योजनाओं, नीतियों, नियमों और मिशनों से जुड़े विशेष कोर्स तैयार किए जाएंगे। इन पाठ्यक्रमों को क्षेत्रीय या हिंदी भाषा में उपलब्ध कराने की योजना है। इसके लिए ATI की डिजिटल लर्निंग लैब और कंटेंट स्टूडियो का उपयोग किया जाएगा।
AI और साइबर सुरक्षा के 700 से ज्यादा कोर्स
iGOT कर्मयोगी के मार्केटप्लेस पर 700 से अधिक एडवांस कोर्स मुफ्त उपलब्ध हैं। इनमें जेनरेटिव AI, साइबर सिक्योरिटी, क्लाउड कंप्यूटिंग, डेटा एनालिटिक्स और प्रोजेक्ट मैनेजमेंट जैसे विषय शामिल हैं। कर्मचारियों को ‘फाउंडेशन ऑफ साइबर सेफ्टी इन पब्लिक सर्विस’ कोर्स पूरा कर ‘साइबर सुरक्षा निपुण’ बैज हासिल करने के लिए भी तैयार किया जा रहा है।