पाकिस्तान द्वारा आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के राष्ट्रीय समन्वयकों की तीन दिवसीय बैठक में भारत भाग ले रहा है। 28 से 30 सितंबर तक चलने वाली इस बैठक में भारत के राष्ट्रीय समन्वयक आलोक डिमरी हिस्सा ले रहे हैं। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य पाकिस्तान की SCO अध्यक्षता के तहत आयोजित होने वाले कार्यक्रमों के वार्षिक कैलेंडर को अंतिम रूप देना है। इसके बाद इस्लामाबाद आगामी राष्ट्राध्यक्षों के परिषद (CHS) शिखर सम्मेलन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित संगठन के सभी सदस्य देशों के शीर्ष नेताओं को औपचारिक निमंत्रण भेजेगा।
द्विपक्षीय तनाव से अलग भारत की बहुपक्षीय भूमिका
वर्ष 2017 में पूर्ण सदस्य के रूप में चीन के वर्चस्व वाले इस मंच में शामिल होने के बाद से भारत SCO के विभिन्न तंत्रों में लगातार सक्रिय भागीदारी निभाता रहा है। भारत ने पाकिस्तान के साथ जारी अपने द्विपक्षीय मतभेदों और सीमा पार आतंकवाद के मुद्दों को SCO मंच के कामकाज में बाधा नहीं बनने दिया है। हालांकि, नई दिल्ली ने बार-बार संगठन को यह याद दिलाया है कि इसका प्राथमिक उद्देश्य आतंकवाद, उग्रवाद और अलगाववाद के खिलाफ लड़ाई लड़ना है। इसके अलावा, भारत ने स्पष्ट किया है कि कोई भी क्षेत्रीय कनेक्टिविटी पहल सभी राष्ट्रों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के दायरे में होनी चाहिए।
राजनयिक आवाजाही के बीच रिश्तों में बर्फ बरकरार
पिछले एक दशक से भारत और पाकिस्तान के बीच कोई सार्थक द्विपक्षीय बातचीत नहीं हुई है, लेकिन SCO से जुड़े आयोजनों के लिए दोनों देशों के अधिकारियों का एक-दूसरे के यहाँ आना-जाना बना रहा है। यहाँ तक कि विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भी 2024 में SCO शासनाध्यक्षों की बैठक के सिलसिले में पाकिस्तान की यात्रा की थी। इसके बावजूद, सबसे बड़ा प्रश्न यह बना हुआ है कि क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले वर्ष इस्लामाबाद में होने वाले शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे। सार्क (SAARC) प्रक्रिया की ही तरह, वर्तमान परिस्थितियों में पीएम मोदी के पाकिस्तान जाने की संभावना न के बराबर है।
आतंकवाद पर ठोस कार्रवाई बिना नरमी नहीं
भारतीय अधिकारियों के अनुसार, भारत के रुख में कोई भी बदलाव केवल तभी संभव है जब पाकिस्तान अपनी सरजमीं से संचालित होने वाले संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों और सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ ठोस, पारदर्शी और अपरिवर्तनीय कार्रवाई करे। केंद्र सरकार ने हाल ही में पाकिस्तान के साथ किसी भी प्रकार की ‘ट्रैक-2’ वार्ता में शामिल होने की खबरों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। बिश्केक शिखर सम्मेलन में पाकिस्तान के अध्यक्षता संभालने के दौरान भी पीएम मोदी ने दुनिया को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा था कि आतंकवाद को राज्य नीति के रूप में इस्तेमाल करने वाले देशों को यह समझाना होगा कि आतंकवाद कभी किसी का रणनीतिक हथियार नहीं बन सकता।
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