दिल्ली के मालवीय नगर स्थित फ्लोरिश स्टे होटल में हुए भीषण अग्निकांड के मामले में दिल्ली पुलिस ने साकेत कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। 3 जून को हुए इस हादसे में 22 लोगों की मौत हुई थी, जिनमें 13 विदेशी नागरिक भी शामिल थे। पुलिस ने होटल प्रबंधन की लापरवाही को हादसे की बड़ी वजह माना है और होटल मालिक लोकेश बजाज समेत तीन लोगों को मामले में आरोपी बनाया है।
आग ने 22 लोगों की ली थी जान
3 जून को मालवीय नगर के फ्लोरिश स्टे होटल में अचानक भीषण आग लग गई थी। कुछ ही देर में आग और धुएं ने होटल के कई हिस्सों को अपनी चपेट में ले लिया। होटल में ठहरे लोग जान बचाने के लिए खिड़कियों और पाइप के सहारे नीचे उतरने की कोशिश करते नजर आए। हादसे के दौरान एक मां अपने बच्चे को सीने से लगाकर तीसरी मंजिल से नीचे कूद गई थी। आसपास मौजूद लोगों ने बचाव के लिए गद्दे बिछाए थे। आग और धुएं के कारण कई लोग बेहोश हो गए थे, जबकि कई लोगों को बाहर निकलने का रास्ता तक नहीं मिल पाया। हादसे में 22 लोगों की मौत हो गई थी। इनमें 13 विदेशी नागरिक भी थे, जो इलाज के सिलसिले में दिल्ली आए थे और होटल में ठहरे हुए थे।
होटल प्रबंधन की लापरवाही को माना जिम्मेदार
अग्निकांड के बाद मामले की जांच के लिए दिल्ली पुलिस की विशेष टीम समेत कई एजेंसियां सक्रिय हुई थीं। जांच के दौरान होटल में सुरक्षा इंतजामों और नियमों के पालन से जुड़े पहलुओं की पड़ताल की गई। अब जांच पूरी करने के बाद पुलिस ने साकेत कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की है। इसमें होटल मालिक लोकेश बजाज समेत तीन लोगों को आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने हादसे के लिए होटल प्रबंधन की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है।
अग्निकांड के बाद MCD ने भी चलाया अभियान
होटल अग्निकांड के बाद दिल्ली नगर निगम ने भी नियमों का उल्लंघन करने वाली इमारतों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी थी। होटलों के अलावा अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की भी जांच की गई। खास तौर पर ग्राउंड फ्लोर पर संचालित खाने-पीने की जगहों और आग की दृष्टि से संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा मानकों की जांच की गई।
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