भारत सरकार ने मलेशिया के साथ विवादास्पद भगोड़े इस्लामिक उपदेशक जाकिर नाइक के प्रत्यर्पण की प्रक्रिया को लगातार जारी रखने की पुष्टि की है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने स्पष्ट किया है कि भारत इस मुद्दे को मलेशियाई अधिकारियों के सामने विभिन्न उच्च स्तरों पर लगातार उठा रहा है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक द्विसाप्ताहिक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि भारत इस संवेदनशील मामले पर मलेशिया के साथ लगातार संपर्क में है। यह बयान हाल ही में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के बीच हुई द्विपक्षीय बातचीत के तुरंत बाद सामने आया है।
मनी लॉन्ड्रिंग और नफरती भाषणों के मामलों में भारत को है तलाश
जाकिर नाइक अपने भड़काऊ और विवादित भाषणों के लिए जाना जाता है और वह राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की हिट लिस्ट में शामिल है। भारतीय जांच एजेंसियां वर्ष 2016 के एक गंभीर मनी लॉन्ड्रिंग मामले में उसकी तलाश कर रही हैं। इसके अलावा उस पर अपनी नफरती तकरीरों के जरिए युवाओं को भड़काने के आरोप भी दर्ज हैं। नाइक ‘पीस टीवी’ (PeaceTV) नाम से एक उपग्रह टीवी चैनल चलाता है, जो अपनी आपत्तिजनक सामग्री के कारण भारत सहित कई अन्य देशों में पहले से ही प्रतिबंधित है। विवादित गतिविधियों के कारण कनाडा और ब्रिटेन जैसे देशों ने भी नाइक के अपने देश में प्रवेश पर रोक लगा रखी है।
ब्रिक्स सम्मेलन में पीएम मोदी और मलेशियाई पीएम की हुई अहम द्विपक्षीय मुलाकात
यह राजनयिक हलचल मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम की हालिया भारत यात्रा और ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान पीएम मोदी के साथ हुई मुलाकात के बाद बढ़ी है। बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने भारत और मलेशिया के बीच मजबूत रक्षा साझेदारी, बढ़ते द्विपक्षीय निवेश और दोनों देशों के लोगों के बीच गहरे संबंधों की सराहना की। प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी साझा करते हुए लिखा कि भारत-मलेशिया संबंध अब सेमीकंडक्टर, महत्वपूर्ण खनिज, स्वच्छ ऊर्जा, बुनियादी ढांचा और प्रतिभा आवाजाही जैसे नए व महत्वाकांक्षी क्षेत्रों में आगे बढ़ रहे हैं।
सामरिक साझेदारी को नई ऊंचाई देने पर दोनों देशों का जोर
दोनों समुद्री पड़ोसी देशों के प्रगाढ़ होते संबंधों पर प्रकाश डालते हुए पीएम मोदी ने कहा कि भारत और मलेशिया अपनी व्यापक रणनीतिक साझेदारी की पूरी क्षमता का लाभ उठाने के लिए मिलकर काम करना जारी रखेंगे। यद्यपि दोनों देशों के बीच व्यापार, प्रौद्योगिकी और रक्षा सहयोग में सकारात्मक प्रगति हो रही है, लेकिन भारत ने साफ़ कर दिया है कि जाकिर नाइक का प्रत्यर्पण भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा और न्याय व्यवस्था से जुड़ा एक अत्यंत महत्वपूर्ण और गैर-समझौतावादी मुद्दा बना रहेगा।
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