Jai Shah Gave Gold Medal Team India: एशियन गेम्स 2026 में पुरुष क्रिकेट का गोल्ड मेडल भारत ने अपने नाम कर लिया है। निशिन शहर के कोरोगी पार्क में खेले गए रोमांचक फाइनल में भारतीय टीम ने चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को 19 रन से हराकर स्वर्ण पदक पर कब्जा किया। जीत के बाद हुई मेडल सेरेमनी में भारतीय खिलाड़ियों के चेहरे पर खुशी साफ नजर आई। इस दौरान टीम इंडिया को गोल्ड मेडल इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) के अध्यक्ष जय शाह ने प्रदान किया।
एक पोडियम पर भारत-पाकिस्तान
मेडल सेरेमनी में भारत और पाकिस्तान के खिलाड़ी एक ही पोडियम पर नजर आए। हालांकि, दोनों टीमों के खिलाड़ियों के बीच बातचीत नहीं हुई और न ही हैंडशेक हुआ। मेडल समारोह में भारत, जापान और श्रीलंका के अधिकारी शामिल हुए। पाकिस्तान की ओर से मेडल लेने के लिए उसका कोई प्रतिनिधि कार्यक्रम में मौजूद नहीं था।
किसने किसे दिया मेडल
भारतीय खिलाड़ियों को ICC अध्यक्ष जय शाह ने गोल्ड मेडल दिए। पाकिस्तान के खिलाड़ियों को निशिन सिटी के मेयर हिरोकी कोंडो ने मेडल प्रदान किए। वहीं, OCA एग्जीक्यूटिव बोर्ड मेंबर और वाइस प्रेसिडेंट निलो जयतोलाके ने श्रीलंका के खिलाड़ियों को मेडल दिए। इस तरह तीनों टीमों के खिलाड़ियों को अलग-अलग प्रतिनिधियों ने पदक प्रदान किए।
Mohsin Naqvi is not present because his real father Chad Jay Shah is there on the Asian Games podium. 😂🔥#asiangames pic.twitter.com/qAYytkruQY
— 𝙕𝙄𝙈𝘽𝙐😎 (@itsZimbuX) October 3, 2026
नकवी की गैरमौजूदगी से नहीं हुआ विवाद
इस फाइनल से पहले यह चर्चा थी कि भारत को मेडल या ट्रॉफी कौन देगा। हालांकि, एशियाई क्रिकेट परिषद (ACC) के अध्यक्ष मोहसिन नकवी फाइनल में मौजूद नहीं रहे और मेडल सेरेमनी भी बिना किसी विवाद के पूरी हुई। एसीसी ने आधिकारिक मीडिया हैंडल ‘एक्स’ पर लिखा,”एसीसी अध्यक्ष मोहसिन नकवी पूर्व निर्धारित प्रतिबद्धताओं के कारण एशियाई खेल 2026 के फाइनल में शामिल नहीं हो पाएंगे, लेकिन स्वर्ण और कांस्य पदक मुकाबलों से पहले सभी चार टीम को अपनी हार्दिक शुभकामनाएं भेजते हैं.”
पहले ट्रॉफी को लेकर रहा था विवाद
मोहसिन नकवी को लेकर विवाद की पृष्ठभूमि पिछले साल के पहलगाम आतंकी हमले के बाद बनी थी। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में शामिल भारतीय रक्षा बलों के प्रति समर्थन जताते हुए भारतीय पुरुष और महिला क्रिकेट टीम ने विरोध के तौर पर उनसे अपनी-अपनी एशिया कप ट्रॉफियां लेने से इनकार किया था। BCCI ने भी अपना रुख स्पष्ट रखा था कि उसकी टीमें नकवी से ट्रॉफियां नहीं लेंगी। वहीं पाकिस्तान के गृह मंत्री का कहना था कि अगर भारत एशिया कप की ट्रॉफियां चाहता है तो उसे उन्हीं से लेनी होंगी। 2025 के पुरुष एशिया कप और इस साल के महिला चरण के दौरान भारतीय टीमें नकवी से ट्रॉफी लिए बिना लौट आई थीं।
अभिषेक-तिलक ने मचाई तबाही
फाइनल मुकाबले में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए छह विकेट पर 211 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। अभिषेक शर्मा ने महज 28 गेंदों में 61 रन की तूफानी पारी खेली। उनकी पारी में तीन चौके और सात छक्के शामिल रहे। तिलक वर्मा ने भी आखिरी ओवरों में कमाल करते हुए 22 गेंदों पर नाबाद 51 रन बनाए, जिसमें तीन चौके और चार छक्के शामिल थे। शिवम दुबे ने 15 गेंदों पर 27 रन बनाकर उनका अच्छा साथ दिया।
पाकिस्तान की जोरदार कोशिश
212 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तान की शुरुआत खराब रही, लेकिन हसन नवाज ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए मुकाबले को रोमांचक बनाए रखा। उन्होंने 51 गेंदों पर 96 रन की पारी खेली, जिसमें पांच चौके और सात छक्के शामिल थे। जब नवाज चार रन पर थे, तब वैभव सूर्यवंशी ने उनका कैच छोड़ दिया था। इसके बावजूद पाकिस्तान की टीम निर्धारित पारी में छह विकेट पर 192 रन ही बना सकी।
गेंदबाजों ने दिलाई जीत
भारत की ओर से अक्षर पटेल, वाशिंगटन सुंदर और शिवम दुबे ने दो-दो विकेट हासिल किए। पाकिस्तान के लिए अहमद दानियाल और अराफात मिन्हास ने दो-दो विकेट लिए। आखिरकार भारतीय गेंदबाजों ने पाकिस्तान को 19 रन पीछे रोक दिया और टीम इंडिया ने एशियन गेम्स में पुरुष क्रिकेट के गोल्ड मेडल का सफलतापूर्वक बचाव कर लिया।
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