कोल इंडिया(Coal India) के ठेका श्रमिकों के लिए राहत की खबर है। कोल इंडिया की एपेक्स जेसीसी बैठक में बोनस और परफार्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव यानी पीएलआई के भुगतान को लेकर सहमति बनी है। शनिवार को कोलकाता स्थित कोल इंडिया मुख्यालय में हुई बैठक में केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के प्रतिनिधियों ने ठेका श्रमिकों के भुगतान का मुद्दा प्रमुखता से उठाया।
बैठक में तय किया गया कि ठेका श्रमिकों को दिवाली 2026 से पहले बोनस का भुगतान किया जाएगा। इससे बड़ी संख्या में ठेका श्रमिकों को त्योहार से पहले आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।
8.33 प्रतिशत की दर से बोनस
बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि पात्र ठेका श्रमिकों को बोनस का भुगतान वेतन संहिता, 2019 में बोनस से जुड़े प्रावधानों के अनुसार किया जाएगा। इसके तहत बोनस की दर 8.33 प्रतिशत तय की गई है।
इस व्यवस्था के तहत भुगतान सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी संबंधित ठेकेदारों की होगी। कोल इंडिया की अनुषंगी कंपनियों में काम कर रहे ठेका श्रमिकों को समय पर भुगतान मिले, इसकी निगरानी भी जरूरी होगी।
अधिक वेतन वालों को मिलेगा PLI
खनन कार्यों में लगे उन ठेका श्रमिकों के लिए भी बैठक में व्यवस्था स्पष्ट की गई, जिनका वेतन बोनस के लिए निर्धारित वैधानिक सीमा से अधिक है। ऐसे श्रमिकों को पहले से जारी प्रावधानों और 29 मई 2025 को जारी स्पष्टीकरण के आधार पर परफार्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) दिया जाएगा।
इस फैसले से उन श्रमिकों को भी लाभ मिलने का रास्ता साफ हुआ है जो सामान्य बोनस की वैधानिक सीमा में नहीं आते। बैठक में सिंगरेनी कोलियरीज कंपनी लिमिटेड (SCCL) में भी ठेका श्रमिकों के बोनस भुगतान के लिए इसी तरह की व्यवस्था लागू करने की सलाह दी गई। इसका उद्देश्य ठेका श्रमिकों को निर्धारित समय पर उनका भुगतान सुनिश्चित करना है।