भारतीय जनता पार्टी ने उत्तर प्रदेश से राज्यसभा चुनाव के लिए अपने 8 प्रत्याशियों की सूची घोषित कर दी है। पार्टी ने इस बार संगठन और सामाजिक संतुलन को प्राथमिकता देते हुए धर्मपाल सिंह, राधाकांत ओझा, प्रकाश पाल, विद्यासागर सोनकर, गोपी कृष्ण पांडेय, प्रियंका सिंह रावत, राम प्रताप सिंह चौहान और श्रुति गंगवार को चुनावी मैदान में उतारा है। इस घोषणा के साथ ही पार्टी ने साफ कर दिया है कि वह आगामी चुनावी चुनौतियों के लिए नए और ऊर्जावान चेहरों पर भरोसा जता रही है।
जातीय और क्षेत्रीय संतुलन साधने की बड़ी कोशिश
बीजेपी की इस सूची में सामाजिक समीकरणों का विशेष ध्यान रखा गया है। घोषित 8 उम्मीदवारों में 3 ओबीसी (OBC), 2 अनुसूचित जाति (SC) और 3 सामान्य वर्ग के चेहरे शामिल हैं। ओबीसी कोटे से लोधी, पाल और कुर्मी समुदायों को प्रतिनिधित्व दिया गया है, जबकि सामान्य वर्ग से दो ब्राह्मण और एक राजपूत प्रत्याशी को मौका मिला है। इसके अतिरिक्त, आधी आबादी को साधने के लिए दो महिला उम्मीदवारों को भी राज्यसभा का टिकट दिया गया है।
योगी सरकार के मंत्री और संगठन के कद्दावर नेताओं को मौका
प्रत्याशियों में उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह का नाम प्रमुख है, जो बरेली की आंवला सीट से विधायक हैं और पशुपालन विभाग संभाल रहे हैं। इनके साथ ही जौनपुर से पूर्व सांसद विद्यासागर सोनकर, बाराबंकी की पूर्व सांसद प्रियंका सिंह रावत, और यूपी बीजेपी ओबीसी मोर्चा के अध्यक्ष प्रकाश पाल को उम्मीदवार बनाया गया है। जून 2026 में प्रदेश महामंत्री बने राम प्रताप सिंह चौहान को भी पश्चिमी यूपी में उनके संगठनात्मक काम का इनाम मिला है।
हरदीप पुरी और बीएल वर्मा समेत सभी पुराने चेहरों की छुट्टी
इस बार के चयन में बीजेपी ने बड़ा साहसिक कदम उठाते हुए सभी पुराने राज्यसभा सांसदों के टिकट काट दिए हैं। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी, बीएल वर्मा, अरुण सिंह, सीमा द्विवेदी, नीरज शेखर, बृजलाल और गीता शाक्य जैसे स्थापित नेताओं के नाम नई सूची से नदारद हैं। वहीं, पूर्व उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा को पहले ही अंडमान और निकोबार द्वीप समूह का उपराज्यपाल नियुक्त किया जा चुका है। पार्टी का यह कदम संगठन में नई पीढ़ी को आगे लाने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
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