भारत की स्टार मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन ने एशियन गेम्स में अपने करियर का पहला स्वर्ण पदक जीत लिया है। महिलाओं की 75 किलोग्राम कैटेगरी के फाइनल में लवलीना ने चीन की बाओ जियी को 5-0 से मात दी। इस जीत के साथ वह एशियन गेम्स में बॉक्सिंग गोल्ड जीतने वाली दूसरी भारतीय महिला मुक्केबाज बन गई हैं।
फाइनल में शुरू से दिखा आक्रामक अंदाज
लवलीना ने गोल्ड मेडल मुकाबले की शुरुआत तेज अंदाज में की। उन्होंने अपने सीधे जैब का प्रभावी इस्तेमाल करते हुए कई सटीक पंच लगाए। दूसरी ओर चीन की बाओ जियी करीब आकर हुक पंच लगाने की कोशिश करती रहीं। पहले राउंड में दोनों मुक्केबाजों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। जजों का फैसला स्प्लिट रहा, जिसमें तीन जजों ने लवलीना को 10-9 से आगे रखा, जबकि दो जजों ने बाओ जियी को समान स्कोर दिया। इसके बाद लवलीना ने मुकाबले पर अपनी पकड़ मजबूत की और आखिरकार सर्वसम्मत 5-0 से जीत दर्ज की।
मैरी कॉम के बाद दूसरी भारतीय महिला
एशियन गेम्स में बॉक्सिंग का गोल्ड मेडल जीतने वाली लवलीना दूसरी भारतीय महिला मुक्केबाज हैं। उनसे पहले एमसी मैरी कॉम ने 2014 में यह उपलब्धि हासिल की थी। असम के किसान परिवार से आने वाली लवलीना ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार अपनी पहचान बनाई है। उन्होंने 2018 और 2019 की वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज मेडल जीते थे। टोक्यो 2020 ओलिंपिक में भी उन्होंने ब्रॉन्ज पदक हासिल किया। उन्हें अर्जुन अवॉर्ड और मेजर ध्यानचंद खेल रत्न अवॉर्ड से सम्मानित किया जा चुका है।
भारत की महिला आर्चरी टीम ने भी रचा इतिहास
एशियन गेम्स के 13वें दिन भारत को महिला रिकर्व आर्चरी टीम के रूप में एक और ऐतिहासिक गोल्ड मिला। अंकिता भगत, कीर्ति और कुमकुम की टीम ने फाइनल में दक्षिण कोरिया को 5-3 से हराया। यह एशियन गेम्स के इतिहास में भारतीय महिला टीम का रिकर्व कैटेगरी में पहला स्वर्ण पदक है।जापान के नागोया में चल रहे इन खेलों में भारत के पदकों की संख्या 70 हो गई है, जिसमें 12 गोल्ड शामिल हैं। भारत मेडल टैली में छठे स्थान पर पहुंच गया है।
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