गुवाहाटी में 2 अक्टूबर को एक ऐसा इनोवेशन देखने को मिला जिसने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। असम(Assam) के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा बांस से बनी एक खास साइकिल चलाते दिखाई दिए। मुख्यमंत्री ने इसका वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया और बताया कि साइकिल का मुख्य ढांचा बांस से तैयार किया गया है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि इस साइकिल को भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) से प्रमाणन मिला है। यह साइकिल पारंपरिक साइकिलों से इसलिए अलग है क्योंकि इसके निर्माण में बांस का इस्तेमाल किया गया है।
असम सरकार इसे पर्यावरण के अनुकूल परिवहन के विकल्प के साथ-साथ राज्य की पारंपरिक बांस अर्थव्यवस्था को आधुनिक उत्पादों से जोड़ने की कोशिश के रूप में देख रही है। फिलहाल इस योजना को पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू किया गया है। लोगों से मिलने वाली प्रतिक्रिया और इस्तेमाल के अनुभव के आधार पर इसे आगे बड़े स्तर पर ले जाने को लेकर फैसला किया जाएगा।
गुवाहाटी के पार्कों में होगी लोगों की सवारी
योजना के तहत आने वाले समय में गुवाहाटी के कुछ पार्कों में इन साइकिलों को लोगों के लिए उपलब्ध कराया जा सकता है। इससे आम लोग इन्हें खुद चलाकर इनके डिजाइन, सुविधा और उपयोगिता को समझ सकेंगे और अपना फीडबैक दे सकेंगे।
उत्पादन बढ़ाने की भी तैयारी
परियोजना से जुड़े लोगों के अनुसार शुरुआत में हर महीने लगभग 1,000 साइकिल बनाने का लक्ष्य रखा गया है। भविष्य में उत्पादन क्षमता को बढ़ाकर करीब 5,000 साइकिल प्रतिमाह करने की योजना है। अलग-अलग जरूरतों के हिसाब से इसके कई मॉडल विकसित करने की बात भी सामने आई है।
सिंधिया ने भी जताई दिलचस्पी
मुख्यमंत्री के वीडियो पर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अगली बार गुवाहाटी आने पर वह खुद इस बांस की साइकिल को चलाना चाहेंगे। अब लोगों के वास्तविक इस्तेमाल और फीडबैक से यह पता चलेगा कि बांस से बनी यह साइकिल रोजमर्रा की सवारी के लिए कितनी उपयोगी साबित होती है।