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देहरादून जू पहुंचा उत्तराखंड का पहला सफेद बाघ तेजस, 20 दिन रहेगा क्वारंटीन

देहरादून जू में अब वन्यजीव प्रेमियों को सफेद बाघ देखने का मौका मिलने वाला है। ग्वालियर जूलॉजिकल पार्क से सफेद बाघ ‘तेजस’ को टाइगर एक्सचेंज कार्यक्रम के तहत देहरादून लाया गया है। सफेद रंग, काली धारियों और नीली आंखों वाला तेजस उत्तराखंड का पहला सफेद बाघ बताया जा रहा है। हालांकि, पर्यटकों को इसे देखने के लिए अभी कुछ समय इंतजार करना होगा।

556 किलोमीटर का सफर तय कर पहुंचा तेजस

तेजस को ग्वालियर से देहरादून तक करीब 556 किलोमीटर की दूरी सड़क मार्ग से तय कराई गई। देहरादून जू की रेंजर अधिकारी और इंचार्ज दीक्षा भट्ट के मुताबिक, सफेद बाघ को विशेष रेस्क्यू वाहन से लाया गया। यात्रा में करीब 12 से 14 घंटे लगे और उसके साथ विशेषज्ञों की टीम मौजूद रही।करीब 13 सदस्यों की टीम में पशु चिकित्सक और वन विभाग के अधिकारी भी शामिल थे। देहरादून पहुंचने के बाद तेजस को सीधे पर्यटकों के सामने नहीं लाया गया, बल्कि उसे निगरानी वाले क्वारंटीन क्षेत्र में रखा गया है।

20 दिन तक स्वास्थ्य और व्यवहार पर नजर

जू प्रशासन के अनुसार, दूसरे चिड़ियाघर से लाए गए वन्यजीवों को नए वातावरण में रखने से पहले क्वारंटीन किया जाता है। तेजस को करीब 20 दिनों तक अलग रखा जाएगा। इस दौरान बाड़ा प्रभारी और पशु चिकित्सक ही उसके संपर्क में रहेंगे। उसके स्वास्थ्य, खान-पान, व्यवहार और नए वातावरण में अनुकूलन की लगातार निगरानी होगी। जू प्रशासन के मुताबिक, तेजस को आम पर्यटकों के लिए लगभग एक महीने बाद प्रदर्शित किया जा सकता है। वन्यजीव सप्ताह के दौरान उसके बाड़े के उद्घाटन की संभावना भी जताई जा रही है, हालांकि अंतिम निर्णय अभी नहीं हुआ है।

तेजस के बदले ग्वालियर गया ‘भोला’

टाइगर एक्सचेंज कार्यक्रम के तहत ग्वालियर से तेजस को देहरादून लाया गया है। इसके बदले देहरादून जू का करीब पांच वर्षीय रॉयल बंगाल टाइगर ‘भोला’ ग्वालियर भेजा गया है। दोनों चिड़ियाघरों के बीच इस आदान-प्रदान का उद्देश्य वन्यजीव विविधता बढ़ाना और संरक्षण गतिविधियों को मजबूत करना बताया गया है। तेजस के सफेद शरीर, गहरी धारियों और नीली आंखों को उसका प्रमुख आकर्षण माना जा रहा है। जू के वरिष्ठ पशु चिकित्सक प्रदीप मिश्रा के मुताबिक, नए बाड़े में पहुंचने के बाद तेजस सक्रिय नजर आया और उसने आसपास के वातावरण को समझने की कोशिश की। सफेद बाघ कोई अलग प्रजाति नहीं है। उसका रंग एक आनुवंशिक विशेषता के कारण होता है और यह अल्बिनो बाघ नहीं होता। देहरादून जू को उम्मीद है कि क्वारंटीन अवधि पूरी होने के बाद तेजस पर्यटकों के लिए नया आकर्षण बनेगा और वन्यजीव पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।

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Ram Janam Chauhan
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राम जनम चौहान वर्तमान में MH One News के साथ जुड़े हुए हैं। वे मुख्य रूप से पॉलिटिक्स और नेशनल न्यूज़ को कवर करते हैं। उन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत दैनिक जागरण संस्थान के साथ की। इसके अलावा Zee Media और India News में इंटर्नशिप की है। राम जनम चौहान ने डॉ. भीमराव अंबेडकर कॉलेज (गोकलपुरी, दिल्ली) से पत्रकारिता एवं जनसंचार (BJMC) की डिग्री प्राप्त की है।
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