राजधानी लखनऊ में गोमती नदी के विकराल रूप के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बक्शी का तालाब (बीकेटी) तहसील के हरदा गांव पहुंचकर बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने खुद प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री और राशन किट वितरित किए। डबल इंजन सरकार की ओर से हर संभव सहायता का आश्वासन देते हुए उन्होंने बताया कि पिछले 10 दिनों में राज्य के 50 से अधिक जिलों में मूसलाधार बारिश हुई है। पीलीभीत, लखीमपुर, सीतापुर और नेपाल में भारी बारिश का पानी नीचे आने की वजह से गोमती नदी उफान पर आ गई है।
फैजुल्लागंज से नैमिष तक बनेगा नया तटबंध
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण करने और धरातल पर स्थिति का जायजा लेने के बाद मुख्यमंत्री ने सिंचाई विभाग को बड़े निर्देश जारी किए हैं। भविष्य में ऐसी भीषण आपदा से बचाव के लिए फैजुल्लागंज से लेकर नैमिष तक एक मजबूत तटबंध बनाने का आदेश दिया गया है। बीकेटी, लखनऊ उत्तर और फैजुल्लागंज में जलभराव की गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन और नगर निगम की टीमों को पूरी मुस्तैदी से राहत और बचाव कार्यों में लगा दिया गया है।
दो दशकों बाद लखनऊ की प्रमुख धरोहरें जलमग्न
गोमती नदी के बढ़ते जलस्तर ने लखनऊ में दो दशक पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया है। प्रसिद्ध गोमतीनगर स्थित रिवर फ्रंट को पर्यटकों की सुरक्षा के मद्देनजर बंद कर दिया गया है। विख्यात हनुमंत धाम का बड़ा हिस्सा, पंचमुखी हनुमान जी की प्रतिमा और गुंबद पानी में डूब गए हैं। इसके अलावा नव निर्मित राष्ट्रीय प्रेरणा स्थल और उसके म्यूजियम परिसर तक बाढ़ का पानी पहुंच चुका है, जिससे शहर के निचले इलाकों में हड़कंप मच गया है।
घरों में घुसा पानी
बाढ़ का सबसे घातक प्रभाव फैजुल्लागंज इलाके में देखने को मिल रहा है, जहां पानी लोगों के मकानों के मुख्य द्वारों को लांघकर कमरों में दाखिल हो चुका है। राहत और बचाव कार्य के लिए 150 नावें तैनात की गई हैं, जिनकी मदद से फंसे हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। नगर आयुक्त गौरव कुमार ने बताया कि सीतापुर में जलस्तर के स्थिर होने से जल्द पानी घटने की उम्मीद है। जलभराव के बीच बीमारियों और संक्रमण से बचाव के लिए दवाइयों का वितरण भी तेजी से किया जा रहा है।
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