Warren Buffett Resigns Berkshire Hathaway Chairman: दुनिया के मशहूर निवेशक वॉरेन बफे ने बर्कशायर हैथवे के चेयरमैन पद से इस्तीफा दे दिया है। कंपनी ने 18 सितंबर 2026 को इसकी आधिकारिक घोषणा की। अब बफे को चेयरमैन एमेरिटस बनाया गया है। हालांकि, वह कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में बने रहेंगे और अपने लंबे अनुभव व सलाह से बर्कशायर हैथवे का मार्गदर्शन करते रहेंगे।
बेटे हॉवर्ड बफे को मिली चेयरमैन की जिम्मेदारी
बर्कशायर हैथवे की लंबे समय से चली आ रही लीडरशिप सक्सेशन योजना के तहत बोर्ड ने वॉरेन बफे के बेटे हॉवर्ड जी. बफे को कंपनी का नया चेयरमैन चुना है। हॉवर्ड बफे 1993 से बर्कशायर हैथवे के बोर्ड में डायरेक्टर हैं। वहीं, ग्रेग एबेल कंपनी के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर यानी CEO के पद पर बने रहेंगे। सुसान एल. डेकर भी लीड इंडिपेंडेंट डायरेक्टर की जिम्मेदारी जारी रखेंगी।
कंपनी की संस्कृति और मूल्यों को आगे बढ़ाएंगे हॉवर्ड
बर्कशायर हैथवे के CEO ग्रेग एबेल ने बोर्ड की ओर से कहा कि कंपनी और उसके शेयरधारकों पर वॉरेन बफे का प्रभाव अमेरिकी कारोबार के इतिहास में अद्वितीय रहा है। उन्होंने कहा कि बफे ने कंपनी में जो संस्कृति और मूल्य स्थापित किए हैं, वे आगे भी बर्कशायर हैथवे के केंद्र में बने रहेंगे। उनके मुताबिक, हॉवर्ड बफे इन मूल्यों के संरक्षक की भूमिका निभाएंगे।
1999 से फाउंडेशन की जिम्मेदारी संभाल रहे हॉवर्ड
हॉवर्ड बफे 1999 से Howard G. Buffett Foundation के चेयरमैन और CEO हैं। यह संस्था दुनियाभर में खाद्य सुरक्षा और संघर्ष कम करने जैसे मुद्दों पर काम करती है। कंपनी के मुताबिक, हॉवर्ड कई सार्वजनिक और निजी कंपनियों के बोर्ड में भी काम कर चुके हैं। उनके अनुभव में Agro Tech, Archer Daniels Midland, ConAgra Foods, The Coca-Cola Company, Coca-Cola Enterprises, FirsTier Financial और Lindsay Corporation जैसी कंपनियों के बोर्ड शामिल हैं।
संयुक्त राष्ट्र के साथ भी कर चुके हैं काम
हॉवर्ड बफे करीब एक दशक तक विश्व खाद्य कार्यक्रम (World Food Programme) के लिए भूख के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र के सद्भावना राजदूत भी रह चुके हैं। इस भूमिका के अलावा उन्होंने मानवीय और सामाजिक मुद्दों से जुड़े कामों में भी योगदान दिया है।
वॉरेन बफे कंपनी से पूरी तरह नहीं हुए अलग
चेयरमैन पद छोड़ने के बावजूद वॉरेन बफे बर्कशायर हैथवे से पूरी तरह अलग नहीं हुए हैं। वह बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स के सदस्य बने रहेंगे और कंपनी को अपनी सलाह व अनुभव देते रहेंगे। यह बदलाव कंपनी की पहले से तय उत्तराधिकार योजना का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसके तहत कंपनी की लीडरशिप की जिम्मेदारियां नई भूमिका में आगे बढ़ाई जा रही हैं।
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