उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले योगी आदित्यनाथ सरकार ने राज्य के कर्मचारियों और जमीनी कार्यकर्ताओं को अपने पक्ष में करने के लिए स्वास्थ्य सेवाओं को बड़ा हथियार बनाया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) स्वास्थ्य सुविधाओं को आगामी चुनाव में एक प्रमुख मुद्दा बनाने की रणनीति पर काम कर रही है। इसी योजना के तहत राज्य सरकार समाज के अलग-अलग वर्गों और कर्मचारियों को कैशलेस इलाज की सुविधा दे रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षकों के एक वर्ग, प्रांतीय रक्षक दल (PRD) के जवानों, रसोइयों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को उनके परिवारों सहित कैशलेस इलाज देने की घोषणा की है। इस फैसले के जरिए सरकार एक बड़े वोट बैंक को साधने के साथ सकारात्मक संदेश देने का प्रयास कर रही है।
जुलाई में शुरू हुई योजना का लगातार बढ़ रहा दायरा
राज्य सरकार द्वारा जुलाई महीने में ‘मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा सुविधा योजना’ की शुरुआत की गई थी, जिसका दायरा अब लगातार विस्तारित किया जा रहा है। इस योजना के तहत उच्च शिक्षा विभाग से जुड़े विश्वविद्यालयों, सहायता प्राप्त गैर-सरकारी कॉलेजों, सेल्फ-फाइनेंस्ड पाठ्यक्रमों और सेल्फ-फाइनेंस्ड कॉलेजों में कार्यरत 1,28,000 से अधिक शिक्षकों और उनके परिवार के सदस्यों को शामिल किया गया है।
पात्र परिवारों को मिलेगा हर साल 5 लाख रुपये का कवर
सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत आने वाले प्रत्येक पात्र परिवार को प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये तक के कैशलेस इलाज की सुरक्षा मिलेगी। इस सुविधा से कर्मचारियों को गंभीर बीमारियों के दौरान वित्तीय संकट का सामना नहीं करना पड़ेगा। सरकार का मानना है कि इस कदम से न केवल लाखों परिवारों को राहत मिलेगी, बल्कि राज्य में चुनावी माहौल से पहले जनकल्याणकारी योजनाओं की पहुंच भी मजबूत होगी।
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