दिल्ली सरकार के GST विभाग ने रेलवे अधिकारियों के साथ मिलकर एक संयुक्त अभियान में हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन पर बड़ी कार्रवाई की है। गुप्त सूचना के आधार पर की गई इस छापेमारी में अधिकारियों ने बिना इनवॉइस और ई-वे बिल के ले जाए जा रहे करीब 5 करोड़ रुपये मूल्य के 50 टन माल की खेप को जब्त किया है। यह कार्रवाई सड़क मार्ग के साथ-साथ रेलवे नेटवर्क के जरिए होने वाली कर चोरी और अवैध परिवहन पर नकेल कसने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।
रेणिगुंटा से ट्रेन के जरिए पहुंची थी अवैध खेप
जांच अधिकारियों के अनुसार, यह माल आंध्र प्रदेश के रेणिगुंटा से ट्रेन में लोड होकर दिल्ली पहुंचा था। हजरत निजामुद्दीन स्टेशन पर जब पार्सल की तलाशी ली गई, तो उसमें से 25 टन कॉपर स्क्रैप मिला, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत लगभग 3 करोड़ रुपये है। इसके अतिरिक्त 25 टन मिश्रित स्क्रैप, कपड़े और अन्य सामान भी बरामद किया गया, जिसकी कीमत करीब 2 करोड़ रुपये आंकी गई है। इस तरह जब्त की गई कुल सामग्री का अनुमानित मूल्य करीब 5 करोड़ रुपये बैठता है।
ई-वे बिल और इनवॉइस के बिना हो रहा था परिवहन
कार्रवाई के दौरान पकड़े गए माल के साथ जीएसटी नियमों के तहत अनिवार्य वैध दस्तावेज, जैसे इनवॉइस और ई-वे बिल, उपलब्ध नहीं पाए गए। फिलहाल जीएसटी विभाग जब्त सामान और उससे जुड़े कागजात का विस्तृत भौतिक सत्यापन कर रहा है। साथ ही जीएसटी कानून के तहत परिवहन से जुड़े वैधानिक अनुपालन और संभावित कर चोरी के मामलों की गहनता से जांच की जा रही है।
रेलवे मार्गों पर निगरानी तेज करने का फैसला
जीएसटी विभाग के अनुसार, रेलवे के समन्वय से की गई यह कार्रवाई आगे की रणनीति का हिस्सा है। अब केवल सड़क परिवहन ही नहीं, बल्कि रेल नेटवर्क के जरिए बिना हिसाब-किताब के माल भेजने और दस्तावेजों में हेरफेर करने वालों पर सख्त नजर रखी जाएगी। रेलवे स्टेशनों पर जांच अभियान और निगरानी को और तेज किया जाएगा ताकि राजस्व के नुकसान को पूरी तरह रोका जा सके।
कर चोरी बर्दाश्त नहीं करेगी सरकार: सीएम रेखा गुप्ता
इस बड़ी कार्रवाई पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्पष्ट किया कि दिल्ली सरकार कर चोरी और सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल जब्ती की कार्रवाई करना नहीं, बल्कि एक पारदर्शी व्यापारिक व्यवस्था बनाना है जहां हर देय टैक्स की वसूली सुनिश्चित हो सके। उन्होंने दोहराया कि सुशासन, पारदर्शिता और राजस्व की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और कर चोरी करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।
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