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सोने-चांदी की कीमतों में आई तेजी, जानिए घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार का पूरा गणित

कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट और महंगाई की चिंताओं के कम होने से देश की राजधानी में सोने और चांदी के भाव में जोरदार रिकवरी देखने को मिली है। स्थानीय बुलियन व्यापारियों के अनुसार, 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना 1,600 रुपये की उछाल के साथ 1,56,600 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया। पिछले कारोबारी सत्र में यही सोना 1,55,000 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। अमरीकी डॉलर और ट्रेजरी यील्ड में नरमी के कारण अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी के बावजूद निवेशकों का रुझान एक बार फिर सोने की तरफ बढ़ा है।

चांदी के भाव में 5,000 रुपये का बड़ा उछाल

चांदी की कीमतों में सोने से भी अधिक तेजी दर्ज की गई है। घरेलू बाजार में चांदी 5,000 रुपये की छलांग लगाकर 2,47,000 रुपये प्रति किलोग्राम (कर सहित) पर पहुंच गई। पिछले सत्र में चांदी का भाव बिना किसी बदलाव के 2,42,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर स्थिर था। बाजार विश्लेषकों के मुताबिक हालिया बिकवाली से उबरते हुए चांदी ने सोने की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया है, हालांकि बढ़ते बॉन्ड यील्ड और डॉलर के मजबूत रुख ने इस तेजी को एक सीमा तक सीमित भी रखा।

वैश्विक बाजारों में भी दिखे सकारात्मक संकेत

भारतीय बाजारों में आई यह तेजी अंतरराष्ट्रीय बुलियन मार्केट के रुझानों के अनुकूल रही। वैश्विक बाजार में स्पॉट गोल्ड 50.96 डॉलर (1.17 प्रतिशत) बढ़कर 4,392.78 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता दिखा। इसी प्रकार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चांदी की कीमत भी 3.10 प्रतिशत की बढ़त के साथ 67.21 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई, जो निवेशकों की मजबूत मांग को दर्शाती है। इसके अलावा, गोल्ड-बैकड ईटीएफ (ETF) में लगातार आठवें दिन शुद्ध निवेश दर्ज किया गया, जिससे कुल वैश्विक ईटीएफ होल्डिंग बढ़कर 100.39 मिलियन औंस हो गई है।

कच्चे तेल में गिरावट ने दिया सहारा

सऊदी अरब से आपूर्ति बहाल होने की उम्मीदों और वैकल्पिक शिपिंग रूट के इस्तेमाल के कारण कच्चे तेल की कीमतें लगातार तीसरे सत्र में गिरकर करीब 101 डॉलर प्रति बैरल पर आ गईं। क्रूड ऑयल में इस गिरावट ने फेडरल रिजर्व की सख्त मौद्रिक नीति के असर को कुछ हद तक कम करने का काम किया। हालांकि, पश्चिम एशिया में बने लगातार भू-राजनीतिक तनाव अब भी कमोडिटी बाजार के लिए जोखिम बने हुए हैं। आने वाले दिनों में निवेशक सोने-चांदी की दिशा तय करने के लिए डॉलर, ट्रेजरी यील्ड और क्रूड की चाल पर नजर रखेंगे।

 

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