Radha Ashtami 2026: राधाष्टमी को राधारानी के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। हर साल भाद्रपद शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को यह पर्व आता है। इस साल अष्टमी तिथि 18 सितंबर को दोपहर 1:00 बजे शुरू होकर 19 सितंबर को दोपहर 3:26 बजे तक रहेगी। मध्याह्न काल में अष्टमी तिथि होने के कारण उदयातिथि और पूजा के समय को देखते हुए राधाष्टमी का व्रत 19 सितंबर, शनिवार को रखा जाएगा।
पूजा के लिए 2 घंटे 27 मिनट का समय
राधाष्टमी के दिन राधारानी की पूजा मध्याह्न काल में करने की परंपरा है। दिए गए पंचांग के अनुसार पूजा का शुभ समय सुबह 11:01 बजे से दोपहर 1:28 बजे तक रहेगा। इस तरह राधारानी की पूजा और जन्मोत्सव मनाने के लिए कुल 2 घंटे 27 मिनट का समय मिलेगा।
दिनभर के खास मुहूर्त
राधाष्टमी पर दोपहर का चर-सामान्य मुहूर्त 12:15 PM से 01:46 PM तक रहेगा। इसके बाद लाभ-उन्नति मुहूर्त 01:46 PM से 03:18 PM तक और अमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त 03:18 PM से 04:50 PM तक रहेगा। शाम को लाभ-उन्नति मुहूर्त 06:22 PM से 07:50 PM तक रहेगा।
ब्रह्म मुहूर्त और अभिजीत काल
राधाष्टमी के दिन ब्रह्म मुहूर्त सुबह 04:34 AM से 05:21 AM तक रहेगा। वहीं दिन का शुभ समय यानी अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:50 AM से दोपहर 12:39 PM तक रहेगा। भक्त इस दौरान भी अपनी धार्मिक गतिविधियां कर सकते हैं।
राहुकाल का भी रखें ध्यान
राधाष्टमी के दिन सुबह का राहुकाल 09:11 बजे से 10:43 बजे तक रहेगा। वहीं सूर्योदय सुबह 06:08 बजे और सूर्यास्त शाम 06:22 बजे होगा। धार्मिक कार्यों के लिए मुहूर्त देखते समय राहुकाल को भी ध्यान में रखने की परंपरा है।
आयुष्मान योग में मनाई जाएगी राधाष्टमी
इस साल राधाष्टमी आयुष्मान योग में मनाई जाएगी। यह योग सुबह से शुरू होकर दोपहर 2:29 बजे तक रहेगा। इसके बाद सौभाग्य योग शुरू होगा, जो 20 सितंबर की दोपहर तक रहने की जानकारी दी गई है। पंचांग में 19 सितंबर को आयुष्मान योग के 2:29 PM तक रहने की पुष्टि मिलती है।
रात में बनेगा रवि योग
राधाष्टमी पर रवि योग मध्यरात्रि में 1:43 AM पर बनेगा और 20 सितंबर की सुबह 6:08 AM तक रहेगा। इस दौरान पंचांग के अनुसार रवि योग की स्थिति रहेगी।
20 सितंबर को होगा व्रत का पारण
राधाष्टमी व्रत का पारण अगले दिन सूर्योदय के बाद करने की बात कही गई है। ऐसे में 20 सितंबर को सुबह 06:08 AM के बाद पारण करके व्रत पूरा किया जा सकता है। पारण के समय को स्थानीय पंचांग के अनुसार देखना उचित रहेगा।
बरसाना में धूमधाम से मनता है जन्मोत्सव
राधाष्टमी के मौके पर ब्रज क्षेत्र के बरसाना में विशेष उत्सव होता है। यहां श्री लाडली जी महाराज के मंदिर में राधारानी का जन्मोत्सव बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। इस अवसर पर राधारानी का अभिषेक और विशेष पूजन किया जाता है। राधाष्टमी के दिन प्रेमानंद जी महाराज के आश्रम में भी विशेष पूजा-अर्चना और सेवा का आयोजन होता है। बरसाना में राधाष्टमी का उत्सव विशेष धार्मिक महत्व रखता है।
Read More:

