HomeBreaking Newsकिशाऊ बांध परियोजना: गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में MoU साइन,...

किशाऊ बांध परियोजना: गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में MoU साइन, 6 राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने किए हस्ताक्षर

Kishau Project: किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना को लेकर लंबे समय से चला आ रहा गतिरोध खत्म हो गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल की मौजूदगी में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली और हरियाणा के मुख्यमंत्रियों ने 15 सितंबर को किशाऊ परियोजना समझौते पर हस्ताक्षर किए। केंद्र सरकार के मुताबिक, यह परियोजना सभी छह राज्यों के लिए किसी न किसी रूप में लाभकारी होगी और दिल्ली को इसका सबसे बड़ा फायदा मिलेगा।

गृह मंत्री अमित शाह ने बताया ऐतिहासिक समझौता

अमित शाह ने समझौते को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि परियोजना पूरी होने के बाद यह घटना इतिहास का महत्वपूर्ण अध्याय बनेगी। उन्होंने सभी छह राज्यों के मुख्यमंत्रियों और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल को परियोजना को इस मुकाम तक पहुंचाने में भूमिका के लिए बधाई दी। शाह ने कहा कि सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि सभी छह राज्यों ने सहमति जताकर समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।

किशाऊ परियोजना से क्या मिलेगा

केंद्र सरकार के अनुसार किशाऊ को राष्ट्रीय परियोजना घोषित किया गया है। इसके तहत उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश की सीमा से बहने वाली टोंस नदी पर 232.6 मीटर ऊंचा कंक्रीट ग्रेविटी बांध बनाया जाएगा। परियोजना में 1,562 मिलियन घन मीटर जल भंडारण की क्षमता होगी। इससे करीब 97,000 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई और 1,476 मिलियन यूनिट स्वच्छ जलविद्युत उत्पादन का लक्ष्य है।

केंद्र उठाएगा लागत का बड़ा हिस्सा

परियोजना के वित्तीय ढांचे के अनुसार पानी से जुड़े घटक की करीब 90 प्रतिशत लागत केंद्र सरकार वहन करेगी, जबकि बाकी 10 प्रतिशत वित्तीय भार छह भागीदार राज्यों के बीच साझा किया जाएगा। जून 2026 में हुई सहमति में हिमाचल प्रदेश के हिस्से के पानी को दिल्ली और राजस्थान को देने तथा इसके बदले हिमाचल के बिजली घटक की लागत में हिस्सेदारी की व्यवस्था पर भी सहमति बनी थी।

10वां जल विवाद खत्म होने का दावा

अमित शाह ने कहा कि नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद यह 10वां जल विवाद है, जो समाधान की दिशा में पहुंचा है। उन्होंने कहा कि केंद्र ने पिछले वर्षों में दशकों पुराने जल विवादों को आपसी सहमति से सुलझाने पर काम किया है।

2018 से 2026 तक कई समझौते

शाह के अनुसार, अगस्त 2018 में लखवार बहुउद्देशीय परियोजना और शाहपुर कंडी बांध परियोजना से जुड़े विवाद सुलझे। 2021 में मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के बीच केन-बेतवा लिंक परियोजना को लेकर समझौता हुआ। इसके बाद संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चंबल रिवर लिंक योजना और हथिनीकुंड से भूमिगत पाइपलाइन के जरिए यमुना तक जल अंतरण जैसी योजनाओं पर आगे बढ़ने की प्रक्रिया हुई। जुलाई 2026 में नर्मदा परियोजना से विस्थापित परिवारों के पुनर्वास का विवाद सुलझा और अगस्त 2026 में सोन बेसिन में बिहार-झारखंड जल बंटवारे से जुड़ा विवाद सुलझाया गया।

यमुना के लिए भी अहम परियोजना

किशाऊ परियोजना को यमुना नदी के पुनरुद्धार और जल प्रवाह बढ़ाने से भी जोड़ा गया है। केंद्र के मुताबिक, परियोजना से यमुना में स्वच्छ पानी का प्रवाह बढ़ाने और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।

Read More:

मिशन-2027 की तैयारी में BJP ने बढ़ाई रफ्तार, 22 सिंतबर तक उत्तर प्रदेश के दौरे पर रहेंगे UP बीजेपी प्रभारी विनोद तावड़े

Yogita Tyagi
Yogita Tyagihttps://mhone.in/
योगिता त्यागी एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें राजनीति, मनोरंजन, धर्म और लाइफस्टाइल विषयों में विशेष रुचि है। वर्तमान में वह Mhone News के राजनीतिक, धर्म और मनोरंजन सेक्शन के लिए सक्रिय रूप से लेखन कर रही हैं। डिजिटल मीडिया में तीन वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ, उन्होंने अपने करियर में कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों- जैसे दैनिक भास्कर, पंजाब केसरी, इंडिया डेली लाइव और ITV नेटवर्क में योगदान दिया है। योगिता ने गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय (GGSIPU) से मास कम्युनिकेशन और जर्नलिज्म में स्नातक की डिग्री प्राप्त की है, जिसने उनके डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में गहन, प्रभावशाली और विश्वसनीय लेखन की मजबूत नींव रखी है।
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments