वित्त मंत्रालय(Ministry of Finance) नई दिल्ली में आज से ‘विकसित भारत की दिशा में भारत की यात्रा के लिए वित्तपोषण’ विषय पर दो दिवसीय सम्मेलन आयोजित करेगा। इसमें राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के वित्त मंत्री और वित्त सचिव शामिल होंगे। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ कई राज्यों के मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री भी कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे।
सम्मेलन में विकास से जुड़े अलग-अलग पहलुओं पर विशेषज्ञों और अधिकारियों के विचार सामने आएंगे। सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के सचिव डॉ. सौरभ गर्ग विकास के परिणामों को मापने और उनकी प्रगति का आकलन करने के महत्व पर चर्चा करेंगे। वहीं, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव एस. कृष्णन सुशासन को बेहतर बनाने में नई तकनीक की भूमिका पर अपने विचार रखेंगे।
अर्थव्यवस्था, कृषि और ऊर्जा पर फोकस
मंत्रालय के मुताबिक, सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य देश के विकास से जुड़ी वित्तीय चुनौतियों और भविष्य की नीतिगत प्राथमिकताओं पर विचार-विमर्श करना है। इसके लिए सम्मेलन में तीन प्रमुख सत्र रखे गए हैं। इन सत्रों में अर्थव्यवस्था, कृषि और ऊर्जा क्षेत्रों के लिए वित्तीय संसाधनों की व्यवस्था पर चर्चा होगी।
राज्यों और केंद्र के प्रतिनिधि इन क्षेत्रों से जुड़ी वित्तीय जरूरतों, चुनौतियों और संभावित नीतिगत पहलुओं पर विचार साझा करेंगे। सम्मेलन के जरिए विकास की प्राथमिकताओं के लिए वित्तीय व्यवस्था को लेकर केंद्र, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के बीच संवाद को आगे बढ़ाने पर जोर रहेगा।