बलूचिस्तान के लासबेला जिले में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के खिलाफ एक बेहद घातक और बड़ा हमला सामने आया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, लासबेला के काशारी इलाके में स्थित ‘एन-25 नेशनल हाईवे’ से गुजर रहे पाकिस्तानी सेना के एक बड़े काफिले को जोरदार धमाके से निशाना बनाया गया। इस काफिले में 15 फ्रंटियर फोर्स के वाहन शामिल थे। सुरक्षा सूत्रों और शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस भीषण विस्फोट में पाकिस्तानी सेना के 23 से अधिक जवानों के मारे जाने की आशंका जताई जा रही है, जबकि कई अन्य सैनिक गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
धमाके के बाद मचा हड़कंप, हाईवे पर आवाजाही पूरी तरह ठप
काफिले पर हुए इस अचानक और जबरदस्त हमले के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। धमाका इतना जोरदार था कि सेना का एक वाहन आग की लपटों में घिरकर पूरी तरह जल गया। घटना के तुरंत बाद आपातकालीन कदम उठाते हुए घायलों को इलाज के लिए पास के बेला सैन्य कैंप पहुंचाया गया। हमले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण एन-25 हाईवे को दोनों तरफ से बंद कर दिया है। फिलहाल पाकिस्तानी सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर बड़े पैमाने पर सर्च और क्लियरेंस ऑपरेशन शुरू कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि सैन्य अभियान पूरा होने के बाद ही हताहतों का सटीक आंकड़ा साफ हो सकेगा।
हमले के पीछे बीएलए का हाथ
इस रणनीतिक हमले के पीछे अलगाववादी संगठन बलूच लिबरेशन आर्मी का हाथ होने की बात सामने आ रही है। बीएलए लंबे समय से बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सेना, सुरक्षा बलों और सरकारी ठिकानों को निशाना बनाकर अपने सशस्त्र अभियान चला रहा है। इस संगठन की रणनीति में सैन्य काफिलों पर घात लगाकर हमला करना और एक साथ कई इलाकों में कार्रवाई करना शामिल रहा है। यह हमला इसलिए भी बेहद संवेदनशील माना जा रहा है क्योंकि एन-25 हाईवे कराची को क्वेटा से जोड़ता है और प्रांतीय अर्थव्यवस्था और सैन्य रसद के लिए एक मुख्य लाइफलाइन है। इस हाईवे के ठप होने से न सिर्फ सेना की आवाजाही प्रभावित हुई है, बल्कि आम नागरिकों और व्यापारिक परिवहन पर भी इसका भारी असर पड़ा है।
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