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तेजस Mk-1A की डिलीवरी जल्द, HAL ने बताया कब तक IAF को मिलेंगे 10 लड़ाकू विमान

हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) भारतीय वायुसेना को LCA Mk-1A लड़ाकू विमानों की डिलीवरी शुरू करने की तैयारी में है। कंपनी के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर रवि के के मुताबिक विमान में रडार से जुड़े कुछ मुद्दों और हथियारों के अंतिम इंटीग्रेशन टेस्ट का काम बाकी है। HAL को उम्मीद है कि करीब एक महीने में इन समस्याओं को दूर कर साल के अंत तक पहला विमान वायुसेना को सौंपने की स्थिति बन जाएगी।

अंतिम चरण में रडार और हथियारों के परीक्षण का काम

HAL प्रमुख ने बताया कि Mk-1A में अंतिम स्तर के सुधार किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुछ रडार संबंधी दिक्कतों को सुलझाना बाकी है, जबकि फाइनल वेपन इंटीग्रेशन टेस्ट भी पूरा होना है। कंपनी वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान वायुसेना को करीब 10 लड़ाकू विमान देने का लक्ष्य लेकर चल रही है। रवि के अनुसार GE Aerospace से 10 इंजन मिल चुके हैं और 27 Mk-1A एयरफ्रेम तैयार हैं। इसलिए 10 विमानों की डिलीवरी की क्षमता मौजूद है। वायुसेना ने 180 Mk-1A विमानों के लिए करीब 1.1 लाख करोड़ रुपये के दो ऑर्डर दिए हैं। इनमें 83 विमानों का पहला अनुबंध फरवरी 2021 में हुआ था, जबकि 97 विमानों का दूसरा ऑर्डर सितंबर 2025 में दिया गया। पहले अनुबंध की डिलीवरी दिसंबर से शुरू होने की संभावना है। इंजन की सप्लाई नियमित रही तो HAL तीन से चार साल में पूरा ऑर्डर पूरा करने का लक्ष्य रखती है।

एयरफ्रेम तैयार कर रही HAL

Mk-1A कार्यक्रम की रफ्तार वायुसेना के लिए चिंता का विषय रही है। 2021 के ऑर्डर के तहत पहला विमान मार्च 2024 में मिलने वाला था, लेकिन GE Aerospace के F404-IN20 इंजन की सप्लाई में देरी और जरूरी प्रमाणन से जुड़ी दिक्कतों के कारण समयसीमा पूरी नहीं हो सकी। HAL का कहना है कि उसकी सालाना 24 Mk-1A बनाने की क्षमता है। कंपनी इंजन की उपलब्धता के आधार पर उत्पादन रोकने के बजाय पहले से एयरफ्रेम तैयार कर रही है, ताकि इंजन मिलते ही विमान को आगे बढ़ाया जा सके।

97 नए तेजस में ज्यादा स्वदेशी सिस्टम

2025 के 97 विमानों वाले ऑर्डर में स्वदेशी तकनीक का हिस्सा पहले बैच की तुलना में बढ़ाया जाएगा। इनमें Uttam AESA रडार और Swayam Raksha Kavach इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सिस्टम शामिल होंगे। पहले 83 विमानों में इस्तेमाल होने वाले करीब 40 आयातित सिस्टम को भी दूसरे अनुबंध के दौरान स्वदेशी बनाने की योजना है। इस बीच LCA Mk-2 पर भी काम आगे बढ़ रहा है। HAL ने फ्रंट, सेंटर और रियर फ्यूजलेज को जोड़कर एयरफ्रेम तैयार कर लिया है। कंपनी मार्च 2027 तक पहला ग्राउंड रन और उसी साल पहली उड़ान का लक्ष्य रखती है। हालांकि Mk-2 का अनुबंध अभी साइन नहीं हुआ है और IAF इसकी प्रक्रिया आगे बढ़ा रही है। GE Aerospace के साथ भारत में F414 इंजन के संयुक्त उत्पादन पर बातचीत भी चल रही है। तकनीकी मुद्दे सुलझ चुके हैं और अब GE के व्यावसायिक प्रस्ताव का इंतजार है। इस सौदे में 80% टेक्नोलॉजी ट्रांसफर का प्रावधान होगा। आने वाले दशकों में Mk-1, Mk-1A और Mk-2 को मिलाकर करीब 350 LCA वायुसेना की लड़ाकू क्षमता का हिस्सा बनने की उम्मीद है। फिलहाल IAF के पास करीब 30 फाइटर स्क्वाड्रन हैं, जबकि अधिकृत संख्या 42.5 है।

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Ram Janam Chauhan
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राम जनम चौहान वर्तमान में MH One News के साथ जुड़े हुए हैं। वे मुख्य रूप से पॉलिटिक्स और नेशनल न्यूज़ को कवर करते हैं। उन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत दैनिक जागरण संस्थान के साथ की। इसके अलावा Zee Media और India News में इंटर्नशिप की है। राम जनम चौहान ने डॉ. भीमराव अंबेडकर कॉलेज (गोकलपुरी, दिल्ली) से पत्रकारिता एवं जनसंचार (BJMC) की डिग्री प्राप्त की है।
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