मध्य प्रदेश के श्योपुर स्थित कूनो नेशनल पार्क में चीता प्रोजेक्ट के चार साल पूरे हो गए हैं। 17 सितंबर 2022 को यहां पहली बार चीतों को छोड़ा गया था। अब 17 सितंबर 2026 को प्रोजेक्ट की चौथी वर्षगांठ के मौके पर देश को बड़ी खुशखबरी मिली है। कूनो में जन्मी मादा चीता KGP 12 पहली बार मां बनी है और उसने चार शावकों को जन्म दिया है।
इन चार नए शावकों के जन्म के साथ कूनो में भारतीय पीढ़ी के चीतों की संख्या बढ़कर 23 हो गई है। KGP 12 भारत में जन्मी दूसरी ऐसी मादा चीता है, जिसने यहां पहली बार शावकों को जन्म दिया है। इससे पहले मादा चीता मुखी मां बनी थी। कूनो प्रबंधन के अनुसार, चारों शावक और उनकी मां स्वस्थ हैं। डॉक्टरों और वन विभाग की टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है।
भारतीय पीढ़ी की दूसरी मादा बनी मां
KGP 12 भारत में जन्मी दूसरी ऐसी मादा चीता है जिसने यहां पहली बार शावकों को जन्म दिया है। इससे पहले मादा चीता मुखी भारत में शावकों को जन्म दे चुकी है।
कूनो प्रबंधन के मुताबिक, नए जन्मे चारों शावक और उनकी मां स्वस्थ हैं। वन विभाग के अधिकारी और पशु चिकित्सकों की टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है।
चार साल पहले शुरू हुआ था प्रोजेक्ट
भारत में चीता प्रोजेक्ट के तहत 17 सितंबर 2022 को कूनो नेशनल पार्क में पहली बार चीते छोड़े गए थे। 17 सितंबर 2026 को इस परियोजना ने चार साल पूरे किए। इसी अवसर पर KGP 12 के चार शावकों के जन्म ने इस दिन को और खास बना दिया।


