त्योहारी सीजन शुरू होते ही घरेलू हवाई यात्रा(domestic airlines) का खर्च बढ़ने की बात सामने आई है। दिल्ली और देशभर के व्यापारियों एवं उद्यमियों के संगठन चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) का दावा है कि पिछले कुछ दिनों में कई घरेलू उड़ानों के किराए में करीब 50 से 100 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हुई है।
CTI ने इस मामले में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री को पत्र भेजकर किराए की स्थिति की समीक्षा करने और यात्रियों को राहत देने की मांग की है। संगठन के मुताबिक, कुछ समय पहले करीब 5 हजार रुपये में मिलने वाले टिकट अब कई रूट्स पर 10 से 15 हजार रुपये तक पहुंच गए हैं।
दिल्ली से प्रमुख शहरों का बढ़ा किराया
CTI के अनुसार, दिल्ली-मुंबई रूट पर आने-जाने का किराया पहले लगभग 10 हजार रुपये था, जो अब 18 से 25 हजार रुपये तक पहुंच गया है। दिल्ली-अहमदाबाद का किराया 10-12 हजार से बढ़कर 18-20 हजार रुपये और दिल्ली-बेंगलुरु का किराया 12-15 हजार से बढ़कर 30-35 हजार रुपये तक पहुंचने का दावा किया गया है।
इसी तरह दिल्ली-कोलकाता रूट पर भी किराए में बढ़ोतरी का दावा है। हालांकि, संगठन ने स्पष्ट किया है कि हवाई किराया बुकिंग की तारीख, समय और उपलब्ध सीटों के आधार पर बदल सकता है।
सीटों में कमी को लेकर भी सवाल
CTI चेयरमैन बृजेश गोयल ने OAG के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि सितंबर में घरेलू विमानन क्षमता में 5.6 प्रतिशत की कमी आई है। उनके मुताबिक, इंडिगो और एयर इंडिया की सीट क्षमता में भी कमी दर्ज हुई है। CTI का मानना है कि सीमित सीटों और बढ़ती मांग के कारण किराए पर दबाव बढ़ रहा है।
CTI ने सरकार से त्योहारी सीजन के दौरान हवाई किराए की समीक्षा करने और जरूरत पड़ने पर यात्रियों के हित में कदम उठाने की मांग की है। संगठन का कहना है कि किराए में लगातार बढ़ोतरी का असर मध्यम वर्ग, व्यापारियों, छात्रों और परिवारों के यात्रा बजट पर पड़ सकता है।