रूस के संसदीय चुनाव में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के समर्थन वाली यूनाइटेड रशिया पार्टी ने बड़ी जीत दर्ज की है। एसोसिएटेड प्रेस (AP) की रिपोर्ट के मुताबिक, शुरुआती नतीजों में पार्टी को संसद की 450 सीटों में से 355 सीटें मिलने की बात सामने आई है। सेंट्रल इलेक्शन कमीशन के आंकड़ों के अनुसार, 95 फीसदी से ज्यादा मतदान केंद्रों के परिणामों के आधार पर पार्टी को 225 सीटों में करीब 58 फीसदी वोट मिले।
208 एकल-सीट क्षेत्रों में बढ़त
रूस की चुनाव प्रणाली में बाकी 225 सांसद सिंगल-बैलेट निर्वाचन क्षेत्रों से चुने जाते हैं। शुरुआती नतीजों में यूनाइटेड रशिया के उम्मीदवार इनमें से 208 सीटों पर आगे रहे। सेंट्रल इलेक्शन कमीशन की चेयरपर्सन एला पमफिलोवा ने कहा कि उपलब्ध शुरुआती आंकड़े पार्टी के 450 में से 355 सीटें हासिल करने की ओर संकेत कर रहे हैं। यह आंकड़ा पार्टी के लिए अब तक का सबसे बड़ा बताया जा रहा है।
2021 के चुनाव से ज्यादा सीटें
यह चुनाव फरवरी 2022 में यूक्रेन के साथ शुरू हुए संघर्ष के बाद रूस में हुआ पहला संसदीय चुनाव है। पुतिन ने चुनाव को यूक्रेन में लड़ रहे रूसी सैनिकों के समर्थन से जोड़कर पेश किया था। 2021 के पिछले संसदीय चुनाव में यूनाइटेड रशिया ने स्टेट ड्यूमा की 450 में से 324 सीटें जीती थीं। इस बार युद्ध-विरोधी याब्लोको पार्टी को चुनाव लड़ने से रोके जाने की बात सामने आई, हालांकि उसके कुछ नेताओं को कुछ निर्वाचन क्षेत्रों से उम्मीदवार बनने की अनुमति मिली। रिपोर्ट के मुताबिक, कई सरकार विरोधी नेताओं और उम्मीदवारों को भी चुनाव में हिस्सा लेने का अवसर नहीं मिला।
56.66 फीसदी मतदान
चुनाव में कुल मतदान प्रतिशत 56.66 फीसदी रहा। मॉस्को में मतदान रिकॉर्ड स्तर पर रहने की जानकारी दी गई है। गौर करने वाली बात यह है कि व्लादिमीर पुतिन यूनाइटेड रशिया के औपचारिक सदस्य नहीं हैं। हालांकि, वह 2008 से 2012 तक पार्टी के अध्यक्ष रहे थे। पार्टी के नियमों के मुताबिक अध्यक्ष बनने के लिए सदस्य होना अनिवार्य नहीं है। 2012 में पुतिन ने यह पद छोड़ दिया था, जिसके बाद दिमित्री मेदवेदेव ने पार्टी की कमान संभाली।
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