उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले के पिपरी थाना क्षेत्र में अवैध पटाखा फैक्ट्री में भीषण विस्फोट हुआ। सोमवार को हुए इस हादसे में 11 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हुए। घटना के बाद सामने आया कि जिस परिसर में पटाखों का निर्माण, भंडारण और बिक्री की जा रही थी, वहां लंबे समय से अवैध गतिविधियां चल रही थीं। बताया जा रहा है कि फैक्ट्री करीब दो साल से संचालित थी। इसके आसपास के मकानों में भी बारूद का भंडारण किया जाता था। ग्रामीणों का दावा है कि स्थानीय स्तर पर फैक्ट्री की गतिविधियों की जानकारी होने के बावजूद पुलिस और प्रशासन की ओर से समय रहते कार्रवाई नहीं की गई।
लाइसेंस दो साल पहले हो चुका था निरस्त
कौशांबी के जिलाधिकारी के मुताबिक, संबंधित गोदाम का लाइसेंस करीब दो साल पहले ही निरस्त किया जा चुका था। इसके बावजूद मनौरी के पास बड़े पैमाने पर तेज क्षमता वाले पटाखों का निर्माण और भंडारण जारी रहा। विस्फोट के बाद पुलिस-प्रशासन ने कार्रवाई शुरू की है। पुलिसकर्मियों के खिलाफ निलंबन और लाइन हाजिर जैसी कार्रवाई की गई है। हालांकि, प्रशासनिक स्तर पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
आसपास भी भारी नुकसान
विस्फोट की तीव्रता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आसपास के करीब पांच मकान पूरी तरह ढह गए। कई अन्य मकानों को भी नुकसान पहुंचा। घटनास्थल के आसपास पटाखों के अवशेष और बारूद के निशान मिले हैं। करीब ढाई किलोमीटर दूर तक लोगों ने धमाके की आवाज सुनी। आसपास बिजली के तार और अन्य ढांचे भी क्षतिग्रस्त हुए। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है।
मुठभेड़ के बाद नौशाद गिरफ्तार
डीएसपी चायल शिवांक सिंह के मुताबिक, पुलिस ने सोमवार देर रात मुख्य आरोपी नौशाद को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, वह शहर छोड़कर भागने की कोशिश में था। मुठभेड़ के दौरान उसके पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।
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