उत्तराखंड में आस्था और पर्यटन को नई ऊंचाई देने के लिए राज्य के पहले समर्पित यमुना घाट का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है। देहरादून जिले के कालसी स्थित हरिपुर में बने इस नए यमुना घाट का औपचारिक उद्घाटन 17 सितंबर 2026 को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी करेंगे। यह अवसर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिन और भगवान विश्वकर्मा की जयंती के पावन अवसर के साथ मेल खाता है।
Dehradun, Uttarakhand: Chief Minister Pushkar Singh Dhami says, "First of all, I warmly welcome all of you, my friends and brothers. I am very happy that despite the short notice, you have come in such large numbers, and today our Cabinet Hall is completely packed. In English, we… pic.twitter.com/y3seisaiKq
— IANS (@ians_india) September 11, 2026
पूजा-अर्चना और भव्य आरती से होगी शुरुआत
उद्घाटन समारोह के दौरान यमुना नदी को समर्पित विशेष पूजा-अर्चना और भव्य आरती का आयोजन किया जाएगा। हिंदू धर्म में यमुना नदी का अत्यंत पवित्र स्थान है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, यमुना जी को सूर्य देव की पुत्री और मृत्यु के देवता यमराज की बहन माना जाता है। इसी अगाध श्रद्धा के कारण देशभर से आने वाले श्रद्धालु पवित्र नदियों के तट पर स्नान, ध्यान और धार्मिक अनुष्ठान करते हैं।
उत्तराखंड राज्य का यमुना नदी से गहरा और पौराणिक संबंध है, क्योंकि इसका उद्गम राज्य के उत्तरकाशी जिले में स्थित यमुनोत्री ग्लेशियर से होता है। प्रसिद्ध चारधाम यात्रा का पहला पड़ाव यमुनोत्री धाम ही है। इसके बावजूद ऐतिहासिक रूप से उत्तराखंड में एक ऐसा व्यवस्थित और पूर्ण विकसित समर्पित घाट मौजूद नहीं था, जहां श्रद्धालु सुरक्षित तरीके से स्नान और पूजा-पाठ कर सकें। हरिपुर में निर्मित यह नया घाट इस पुरानी कमी को पूरी तरह दूर करेगा।
धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
देहरादून के हरिपुर में इस घाट के बनने से उत्तराखंड के तीर्थाटन और पर्यटन परिपथ में एक नया प्रमुख केंद्र जुड़ गया है। आधुनिक सुविधाओं से लैस इस घाट से स्थानीय पर्यटन को मजबूती मिलेगी और देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव प्राप्त होगा।


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