केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) को नया चेयरपर्सन मिल गया है। केंद्र सरकार ने 2001 बैच के AGMUT कैडर के IAS अधिकारी मंदीप के. भंडारी को बोर्ड का नया चेयरपर्सन नियुक्त किया है। 25 सितंबर को उनकी नियुक्ति का आदेश जारी किया गया। भंडारी फिलहाल जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल के प्रिंसिपल सेक्रेटरी के पद पर कार्यरत हैं। वह लोकहांडे प्रशांत सीताराम की जगह लेंगे, जो अब तक CBSE चेयरपर्सन का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे थे। उनकी नियुक्ति को अपॉइंटमेंट कमेटी ऑफ द कैबिनेट (ACC) ने मंजूरी दी है।
डॉक्टर से IAS बनने तक का सफर
मंदीप के भंडारी का जन्म 14 सितंबर 1974 को हुआ था। उन्होंने दयानंद मेडिकल कॉलेज, लुधियाना से MBBS की पढ़ाई की। यह संस्थान उस समय पंजाब यूनिवर्सिटी से संबद्ध था। मेडिकल शिक्षा के दौरान उन्हें गोल्ड मेडल भी मिला। MBBS के बाद उन्होंने चिकित्सा के बजाय प्रशासनिक सेवा को अपना करियर चुना। UPSC सिविल सेवा परीक्षा पास करने के बाद उन्हें AGMUT कैडर मिला और वह 2001 बैच के IAS अधिकारी बने।
उनके प्रशासनिक करियर की शुरुआत जम्मू-कश्मीर से हुई। उन्होंने बडगाम में SDM, कठुआ में एडिशनल डेवलपमेंट कमिश्नर और लेह व जम्मू में डिप्टी कमिश्नर के तौर पर काम किया। श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड में एडिशनल CEO और बाद में डिविजनल कमिश्नर जम्मू की जिम्मेदारी भी संभाली।
केंद्र में शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ा अनुभव
भंडारी ने केंद्र सरकार में भी महत्वपूर्ण पदों पर काम किया है। जनवरी से सितंबर 2018 तक वह तत्कालीन केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री के प्राइवेट सेक्रेटरी रहे। इसके बाद सितंबर 2018 से जनवरी 2023 तक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय में ज्वाइंट सेक्रेटरी की जिम्मेदारी संभाली।जम्मू-कश्मीर प्रशासन में उन्होंने स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के कमिश्नर सेक्रेटरी के रूप में भी काम किया। इस तरह उनके अनुभव में जिला प्रशासन के साथ स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़े विभागों का काम भी शामिल रहा है।
2023 से LG के प्रिंसिपल सेक्रेटरी
मार्च 2023 से मंदीप के भंडारी जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल के प्रिंसिपल सेक्रेटरी के तौर पर कार्यरत हैं। उन्हें श्री अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड के CEO का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया था। 2026 में उन्हें केंद्र में एडिशनल सेक्रेटरी स्तर के पदों के लिए सूचीबद्ध किया गया। अब CBSE की जिम्मेदारी उनके पास होगी। चेयरपर्सन के तौर पर उनके कार्यकाल में बोर्ड से जुड़े प्रशासनिक और शैक्षणिक कामकाज की जिम्मेदारी रहेगी।
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