New Rules for PG and Coaching Institutes in Delhi: दिल्ली सरकार PG और कोचिंग संस्थानों के लिए व्यापक रेगुलेशन लाने की तैयारी कर रही है। शहरी विकास मंत्री आशीष सूद के मुताबिक, PG की नई नीति अगले डेढ़ से दो महीने में लागू किए जाने पर विचार हो रहा है। इसमें छात्रों की सुरक्षा और सुविधाओं के साथ-साथ मनमाने किराए पर रोक लगाने की व्यवस्था होगी। नीति तैयार करने में छात्रों के सुझावों को भी शामिल किया गया है।
सत्य निकेतन हादसे के बाद बढ़ी चिंता
6 सितंबर को दिल्ली के सत्य निकेतन में पांच मंजिला इमारत ढहने से बड़ा हादसा हुआ था, जिसमें स्टूडेंट्स और लेबर की मौत हुई। इससे दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में PG में रहने वाले छात्रों ने अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई। मंत्री ने कहा कि राजेंद्र नगर के हादसे के बाद अब सत्य निकेतन में भी छात्रों की जान जाना बेहद दुखद है।
PG के लिए लाइसेंस और वेरिफिकेशन जरूरी
प्रस्तावित नीति के तहत दिल्ली में PG चलाने के लिए संचालकों को लाइसेंस लेना होगा। इसके साथ पुलिस और MCD से वेरिफिकेशन कराना भी जरूरी होगा। सरकार एक रजिस्ट्रेशन पोर्टल विकसित करेगी, जिस पर PG की उपलब्ध सुविधाएं, सुरक्षा ऑडिट और इलाके के हिसाब से किराए की सीमा जैसी जानकारी उपलब्ध होगी।
हर महीने देनी होगी जानकारी
सभी PG संचालकों को पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराना होगा। हर महीने उन्हें ऑक्यूपेंसी, किराए और सेफ्टी ऑडिट से जुड़ी जानकारी अपडेट करनी होगी। पोर्टल पर रजिस्टर्ड PG की पुलिस वॉचलिस्ट भी उपलब्ध कराने का प्रस्ताव है। इससे छात्रों को PG चुनने से पहले जरूरी जानकारी मिल सकेगी।
हर तीन महीने में होगा निरीक्षण
रजिस्टर्ड PG का हर तीन महीने में निरीक्षण किया जाएगा। इसके लिए बनने वाली टीम में कॉलेज या फैकल्टी के दो सदस्य, छात्र यूनियन के दो छात्र, एक महिला छात्र, वार्ड पार्षद और पुलिस का एक कर्मचारी शामिल होगा।
CCTV और सुरक्षा गार्ड जरूरी
PG के सभी एंट्री और एग्जिट गेट और कॉमन एरिया में CCTV कैमरे लगाना अनिवार्य होगा। कैमरों की कम से कम 30 दिन की रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखनी होगी। यदि किसी PG में 15 या उससे अधिक छात्र रहते हैं, तो सुरक्षा गार्ड रखना जरूरी होगा। प्रस्ताव के मुताबिक गार्ड की ड्यूटी रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक होगी।
बाहरी लोगों की एंट्री का रिकॉर्ड
PG में आने वाले बाहरी लोगों की जानकारी रजिस्टर में दर्ज करनी होगी। प्रस्तावित नियमों के मुताबिक बाहरी लोगों को सुबह 8 बजे से रात 9 बजे तक ही प्रवेश देने की व्यवस्था होगी।
वार्डन की मौजूदगी होगी जरूरी
नई नीति में PG के साथ वार्डन रखना भी जरुरी प्रस्ताव है। वार्डन के रहने की व्यवस्था PG के अंदर या उससे 500 मीटर के दायरे में करनी होगी। सरकार का मानना है कि इससे जरूरत पड़ने पर वार्डन करीब 15 मिनट के भीतर PG पहुंच सकेगा और किसी आपात स्थिति को संभालने में मदद मिलेगी।
किराए पर लगेगी लगाम
फिलहाल ज्यादातर PG रजिस्टर्ड नहीं हैं और उन पर किराए को लेकर प्रभावी अंकुश नहीं है। मौजूदा Rent Control Act भी ज्यादातर PG पर लागू नहीं होता। नई नीति में अलग-अलग इलाकों के लिए रेंट बैंड तय करने का प्रस्ताव है। किराया तय करते समय PG की लोकेशन, उपलब्ध सुविधाएं, मार्केट रेट, कॉलेज से दूरी और नजदीकी पब्लिक ट्रांसपोर्ट जैसी बातों को ध्यान में रखा जाएगा।
डिपॉजिट वापसी की समयसीमा
प्रस्ताव में सिक्योरिटी डिपॉजिट को अधिकतम तीन महीने के किराए तक सीमित करने की बात है। PG छोड़ने के बाद डिपॉजिट 30 दिन के भीतर वापस करना होगा।
किराया तय करेगी रेगुलेशन कमेटी
रजिस्टर्ड PG का किराया तय करने के लिए एक रेगुलेशन कमेटी बनाने का प्रस्ताव है। इसमें MCD का एक अधिकारी, कॉलेज प्रशासन का प्रतिनिधि और एक विधायक शामिल होंगे। सरकार का लक्ष्य छात्रों को सुरक्षित और सुविधाजनक आवास देने के साथ PG संचालकों की मनमानी पर रोक लगाना है।
कोचिंग संस्थानों पर भी सख्ती
सरकार PG के साथ कोचिंग संस्थानों में भी सुरक्षा मानकों को सख्ती से लागू करने की तैयारी कर रही है। PG और कोचिंग से जुड़ी शिकायतों के लिए एक वेब पोर्टल लाने का भी प्रस्ताव है।
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