जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले से एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है। बसोली इलाके में स्थित ‘सेवा-2 हाइडल प्रोजेक्ट’ पर तैनात केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के एक जवान ने संदिग्ध परिस्थितियों में अपने ही साथियों पर अंधाधुंध गोलियां बरसा दीं। इस अचानक हुई गोलीबारी की घटना से पूरे कैंप में हड़कंप मच गया। इस खूनी वारदात में सीआईएसएफ के चार जवानों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
आपसी गोलीबारी ‘फ्रैट्रीसाइड’ का मामला
शुरुआती जांच के आधार पर सुरक्षा एजेंसियां और पुलिस इस घटना को आपसी गोलीबारी यानी ‘फ्रैट्रीसाइड’ (Fratricide) के रूप में देख रही हैं। हालांकि, जवान ने इतना खौफनाक कदम क्यों उठाया और इस गोलीबारी के पीछे की असली वजह क्या थी, इसका अभी तक खुलासा नहीं हो सका है। घटना के तुरंत बाद स्थानीय पुलिस और वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रण में लिया।
CISF मुख्यालय ने दिए कोर्ट ऑफ इंक्वायरी के आदेश
घटना की संवेदनशीलता और गंभीरता को देखते हुए सीआईएसएफ मुख्यालय ने तुरंत संज्ञान लिया है। मुख्यालय द्वारा पूरे मामले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच के लिए ‘कोर्ट ऑफ इंक्वायरी’ का गठन कर आदेश जारी कर दिए गए हैं। सीआईएसएफ के महानिदेशक (DG CISF) खुद इस पूरे घटनाक्रम और चल रही जांच प्रक्रिया की सीधी मॉनिटरिंग कर रहे हैं। जांच टीम जल्द ही घटनास्थल का मुआयना कर अन्य चश्मदीद जवानों के बयान दर्ज करेगी।
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