इंडोनेशिया(Indonesia) में माउंट अनाक क्राकाताऊ के सक्रिय होने से हालात अचानक बिगड़ गए हैं। जावा और सुमात्रा के बीच स्थित इस ज्वालामुखी से बड़ी मात्रा में राख और गहरा धुआं निकल रहा है। आसमान में कई किलोमीटर की ऊंचाई तक राख का गुबार दिखाई दे रहा है, जिससे आसपास के इलाकों के साथ हवाई यातायात पर भी असर पड़ा है।
ज्वालामुखी से निकल रही राख को देखते हुए चार प्रमुख हवाई अड्डों पर उड़ानों का संचालन रोक दिया गया। इनमें जकार्ता के सुकर्णो-हट्टा और हलीम परदानाकुसुमा एयरपोर्ट के अलावा लाम्पुंग का राडिन इंटेन-II और बांडुंग का हुसैन सास्त्रानेगारा एयरपोर्ट शामिल हैं। हवाई अड्डों का संचालन देखने वाली कंपनी अंगकासा पुरा के मुताबिक, हवा में राख का खतरा रहने तक विमानों को उड़ान भरने की अनुमति नहीं दी जाएगी। राख विमान के इंजन के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकती है।
हजारों उड़ानों पर असर, यात्री परेशान
विस्फोट के बाद 1,500 से ज्यादा उड़ानें रद्द या प्रभावित होने की बात कही गई है। करीब 1.7 लाख यात्री अलग-अलग एयरपोर्ट पर फंस गए हैं। टर्मिनलों में यात्रियों की भीड़ बढ़ गई है और लोग अपनी उड़ानों के दोबारा शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं।
जकार्ता की ओर बढ़ रहा राख का गुबार
मौसम और भूभौतिकी एजेंसी के मुताबिक, सैटेलाइट तस्वीरों में राख के दो बड़े गुबार जकार्ता की दिशा में बढ़ते दिखाई दिए हैं। सोमवार सुबह तक राख राजधानी के आसमान के आसपास पहुंचती नजर आई।
इंडोनेशिया में ज्वालामुखी फटने का एक बेहद करीब से लिया गया खौफनाक दृश्य।🇮🇩
प्रकृति का रौद्र रूप देखकर हर कोई दहल उठा…!!
📍Indonesia pic.twitter.com/IJU66Tl4b6
— Surendra Gurjar 𝕏 (@S_Gurjar_11) September 8, 2026
काले लावा-पत्थर की लैंडस्केपिंग: हवाई के लीलानी एस्टेट्स से 2018 के किलाऊआ (Kīlauea) के फुटेज से मेल खाता दृश्य।

