उत्तर पूर्वी दिल्ली के नंद नगरी इलाके में देर रात अचानक हंगामा और फायरिंग की आवाजों से लोगों में दहशत फैल गई। डी-2 ब्लॉक में दो दर्जन से अधिक युवकों के एक समूह ने तीन-चार घरों को घेर लिया। आरोप है कि इस दौरान गोलियां चलाई गईं और मकानों पर जमकर पत्थर बरसाए गए। सड़क किनारे खड़ी गाड़ियों को भी नुकसान पहुंचाया गया। घटना के बाद स्थानीय लोग अपने घरों में ही दुबके रहे।
दरवाजों-खिड़कियों पर बरसे पत्थर
स्थानीय लोगों के मुताबिक, युवकों का समूह पहले कुछ मकानों के बाहर पहुंचा और इसके बाद वहां हंगामा शुरू हो गया। देखते ही देखते घरों के दरवाजों और खिड़कियों पर पथराव किया जाने लगा। सड़क पर खड़ी कई गाड़ियों के शीशे भी टूट गए। इसी दौरान फायरिंग की आवाज सुनाई देने की बात सामने आई है।
अचानक हुए इस घटनाक्रम से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। लोगों ने बाहर निकलने के बजाय अपने घरों के दरवाजे बंद कर लिए। सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक हमला करने वाले युवक वहां से जा चुके थे। पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ कर घटना की जानकारी जुटाई।
परिवारों ने सात साल पुराने विवाद को बताया वजह
जिन परिवारों के घरों को निशाना बनाए जाने का आरोप है, उनका कहना है कि घटना के पीछे करीब सात साल पुराना विवाद हो सकता है। परिवारों के अनुसार, इस विवाद को लेकर पहले भी पुलिस में शिकायत की गई थी। उनका आरोप है कि उसी पुराने मामले को लेकर देर रात दोबारा उनके घरों को निशाना बनाया गया।
हालांकि, पुलिस ने अभी हमले की वजह को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं बताया है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इतनी बड़ी संख्या में युवक वहां किस वजह से जुटे और वारदात में कौन-कौन लोग शामिल थे।
आरोपियों की पहचान में जुटी पुलिस
घटना से जुड़े कुछ वीडियो पुलिस के हाथ लगे हैं। इनमें कुछ युवक पथराव करते हुए नजर आ रहे हैं। पुलिस इन वीडियो की जांच के साथ ही आसपास लगे CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग भी खंगाल रही है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, वीडियो फुटेज, CCTV और दूसरे उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर संदिग्धों की पहचान की जा रही है। पहचान होने के बाद उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल घटना के बाद नंद नगरी इलाके में सुरक्षा को लेकर स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ गई है और पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
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