केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने वाहन चालकों को बड़ी राहत देते हुए घोषणा की है कि भारत में आगामी फरवरी (2027) से राष्ट्रीय राजमार्गों पर ‘बैरियर-फ्री टोल’ व्यवस्था लागू कर दी जाएगी। इस नई तकनीक के अमल में आने के बाद गाड़ियों को टोल टैक्स चुकाने के लिए प्लाजा पर रुकना नहीं पड़ेगा। ‘ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026’ के मंच से केंद्रीय मंत्री ने बताया कि सरकार फास्टैग को ऑटोमैटिक नंबर-प्लेट रिकग्निशन (ANPR) तकनीक से जोड़ने पर तेजी से काम कर रही है, जिससे टोल संग्रह का पूरा ढांचा अत्याधुनिक और बाधा-रहित हो जाएगा।
नंबर प्लेट और फास्टैग की जुगलबंदी से बढ़ेगी कमाई
सरकार जिस नए सिस्टम की ओर कदम बढ़ा रही है, उसमें ऑटोमैटिक नंबर प्लेट पहचान प्रणाली और फास्टैग डेटा दोनों का एक साथ इस्तेमाल किया जाएगा। इससे हाईवे पर गाड़ियों की ट्रैकिंग और पहचान ज्यादा सटीक हो जाएगी। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि इस अत्याधुनिक व्यवस्था के लागू होने से देश के टोल कलेक्शन में सालाना करीब 10,000 करोड़ रुपये का इजाफा होने की उम्मीद है।
टोल प्लाजा पर खत्म होगा वेटिंग टाइम
नितिन गडकरी ने बताया कि एक समय था जब ड्राइवरों को टोल प्लाजा पर 12 मिनट से लेकर आधा घंटा (30 मिनट) तक कतार में इंतजार करना पड़ता था। फास्टैग आने के बाद इस वेटिंग टाइम में 80 से 90 प्रतिशत तक की भारी गिरावट आई है। अब सरकार बाकी बचे 10-20 प्रतिशत समय और कतार को भी पूरी तरह खत्म करना चाहती है। बैरियर-फ्री सिस्टम का मुख्य उद्देश्य यही है कि गाड़ियों की गति धीमी किए बिना लिंक अकाउंट से टोल शुल्क अपने-आप कट जाए।
2016 में शुरू हुआ था डिजिटल टोल का सफर
टोल भुगतान प्रणाली को आधुनिक और पारदर्शी बनाने के मकसद से सरकार ने सबसे पहले साल 2016 में फास्टैग लॉन्च किया था। इसके बाद 2021 में इसे सभी वाहनों के लिए अनिवार्य कर दिया गया। इस कदम से कैश-बेस्ड टोल पेमेंट लगभग खत्म हो गया और राष्ट्रीय राजमार्गों पर इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह की प्रक्रिया बेहद आसान और तेज हो गई।
रेडियो फ्रीक्वेंसी और नंबर प्लेट तकनीक का फ्यूजन
वर्तमान में फास्टैग ‘रेडियो-फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन’ (RFID) तकनीक पर काम करता है, जिसके तहत प्लाजा से गुजरते ही प्रीपेड या लिंक बैंक खाते से पैसे कट जाते हैं। अब अगले चरण के तहत फास्टैग के साथ नंबर-प्लेट स्कैनिंग कैमरे भी जोड़े जाएंगे। इससे बिना बैरियर गिराए गाड़ियां सामान्य गति से गुजर सकेंगी और टोल कलेक्शन की निर्भरता इंसानी दखल से पूरी तरह मुक्त हो जाएगी।
READ MORE: PM मोदी के 76वें जन्मदिन पर उत्तराखंड को बड़ा तोहफा, CM धामी करेंगे पहले यमुना घाट का लोकार्पण

