नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जिसने अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में हलचल मचा दी है। इस वायरल तस्वीर में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान का हाथ बेहद गर्मजोशी से थामकर आगे बढ़ते दिखाई दे रहे हैं। उनके साथ रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा भी कंधे से कंधा मिलाकर चलते नजर आ रहे हैं। ‘ब्रिक्स भारत 2026’ के आधिकारिक बैकड्रॉप के सामने खींची गई यह तस्वीर इस समय वैश्विक मीडिया की सुर्खियों में बनी हुई है।
PM Modi is walking hand in hand with President of Iran on their way to bilateral meeting.
Sleepless night of Arfa and naraz fufa's.😂 pic.twitter.com/YDdMXXaYP2
— JanHit Voice (@HJP2029_2036) September 11, 2026
बॉडी लैंग्वेज और पर्सनल केमिस्ट्री का बड़ा संदेश
कूटनीतिक दृष्टिकोण से नेताओं की बॉडी लैंग्वेज का बहुत गहरा अर्थ होता है। ‘ब्रिक्स भारत 2026’ के मंच पर मुस्कुराते हुए एक-दूसरे का हाथ थामकर चलना पीएम मोदी और राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान के बीच गहरे व्यक्तिगत विश्वास और मजबूत संबंधों को दर्शाता है। यह दिखाता है कि दोनों देशों के बीच का रिश्ता महज औपचारिक वार्ताओं तक सीमित नहीं है। इस फ्रेम ने स्पष्ट संकेत दे दिया है कि भारत अपने मित्र राष्ट्रों के साथ हर परिस्थिति में मजबूती से खड़ा रहता है।
अमेरिका और ट्रंप की चेतावनियों को सीधा जवाब
यह तस्वीर ऐसे समय में आई है जब अमेरिका और पश्चिमी देश ईरान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग करने के लिए कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगा रहे हैं। वहीं, अमेरिकी नेता डोनाल्ड ट्रंप ने भी चेतावनी दी थी कि डॉलर को चुनौती देने या अमेरिका विरोधी रुख अपनाने वाले ब्रिक्स देशों पर 100 प्रतिशत तक का भारी टैरिफ लगाया जाएगा। इन सब दबावों के बीच दिल्ली के मंच से आई यह तस्वीर वाशिंगटन के नीति निर्माताओं और ट्रंप खेमे के लिए एक बड़ा रणनीतिक संदेश है।
दबाव मुक्त और स्वतंत्र विदेश नीति का प्रतीक
ईरानी राष्ट्रपति के साथ पीएम मोदी का यह गर्मजोशी भरा अंदाज साबित करता है कि भारत किसी भी तीसरे देश के दबाव, प्रतिबंधों या धमकियों के अधीन आकर अपनी विदेश नीति तय नहीं करता है। भारत अपनी रणनीतिक स्वायत्तता को सर्वोपरि रखते हुए अपने राष्ट्रीय हितों और आवश्यकताओं के अनुसार ही वैश्विक फैसले लेता है।

