आम आदमी पार्टी पंजाब(Punjab) के अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने कहा कि भगवंत मान सरकार ने गैंगस्टरवाद के खिलाफ कार्रवाई का दायरा पंजाब से बाहर तक बढ़ा दिया है। सरकार विदेशों में छिपे वांछित अपराधियों को कानूनी प्रक्रिया के जरिए भारत वापस लाने पर काम कर रही है। उन्होंने मोल्दोवा से एक कुख्यात गैंगस्टर की वापसी को इस अभियान की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
पंजाब भवन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान अरोड़ा ने कहा कि मौजूदा सरकार के समय गैंगस्टरवाद के खिलाफ पुलिस कार्रवाई तेज हुई है। उनके मुताबिक, पहले के दौर में विधानसभा तक गैंगस्टरों से कथित राजनीतिक संबंधों को लेकर आरोप-प्रत्यारोप होते थे।
सात महीने में 10 अपराधियों की वापसी
अमन अरोड़ा के अनुसार, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देश पर 20 जनवरी 2026 को ओवरसीज फ्यूजिटिव ट्रैकिंग एंड एक्स्ट्राडिशन सेल (OFTEC) बनाया गया। इसका उद्देश्य विदेशों में छिपे वांछित अपराधियों की पहचान करना उनका पता लगाना और प्रत्यर्पण या डिपोर्टेशन के जरिए भारत वापस लाना है।
उन्होंने दावा किया कि सेल ने करीब सात महीनों में 10 वांछित अपराधियों को भारत वापस लाने में सफलता हासिल की है, जबकि 21 अन्य प्रत्यर्पण प्रस्ताव केंद्र सरकार के पास लंबित हैं।
कई देशों से अपराधियों की वापसी
अरोड़ा ने बताया कि मोल्दोवा के अलावा मलेशिया, इंडोनेशिया, UAE और अमेरिका से भी कई वांछित आरोपियों को वापस लाया गया है। इनमें अमृतपाल सिंह उर्फ अमृत दालम भी शामिल है, जिसके खिलाफ तीन गंभीर मामले दर्ज बताए गए हैं।
केंद्रीय एजेंसियों से बेहतर तालमेल की अपील
मंत्री ने कहा कि विदेशों से संचालित अपराधों से निपटने के लिए राज्य पुलिस के साथ CBI, इंटरपोल, गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय और NIA जैसी एजेंसियों का समन्वय जरूरी है। उन्होंने बताया कि अपराधी अब एन्क्रिप्टेड मैसेज और वॉयस कॉल जैसी तकनीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसे में अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क पर नजर रखने के लिए तकनीक और एजेंसियों के बीच मजबूत सहयोग जरूरी है।