BRICS Summit 2026: BRICS समिट में हिस्सा लेने के लिए ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान के साथ नई दिल्ली पहुंचीं जहरा पेजेश्कियान भी चर्चा में हैं। ईरानी राष्ट्रपति के डेलिगेशन में जहरा और उनके पति हसन मजीदी शामिल हैं। जहां उनके पिता BRICS समिट की बैठकों में व्यस्त हैं, वहीं जहरा ने शनिवार को नई दिल्ली के BRICS बाजार का दौरा कर सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भागीदारी की।
कारीगरों से की बातचीत
जहरा पेजेश्कियान के साथ उनके पति हसन मजीदी और महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री अन्नपूर्णा देवी भी मौजूद थीं। इस दौरान जहरा ने BRICS के सदस्य और सहयोगी देशों के विभिन्न पवेलियन देखे। उन्होंने वहां मौजूद कारीगरों और शिल्पकारों से बातचीत की और अलग-अलग देशों की पारंपरिक कला, हस्तशिल्प और सांस्कृतिक विरासत को देखा।
क्या है BRICS बाजार?
BRICS बाजार को सदस्य और सहयोगी देशों के कारीगरों, डिजाइनरों और क्रिएटिव उद्यमों को एक साझा मंच देने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। यहां आने वाले लोगों को हथकरघा, टेक्सटाइल, हस्तशिल्प, कलाकृतियों और दूसरे पारंपरिक उत्पादों को देखने का अवसर मिल रहा है। बाजार के जरिए अलग-अलग देशों की समृद्ध सांस्कृतिक विविधता और रचनात्मकता को प्रदर्शित किया जा रहा है।
ईरान के दो खास स्टॉल
BRICS बाजार में ईरानी संस्कृति को प्रदर्शित करने वाले दो स्टॉल भी लगाए गए हैं। इनमें ईरान की पारंपरिक कढ़ाई और हस्तशिल्प विरासत को प्रमुखता से दिखाया गया है। जहरा ने इन स्टॉल्स का भी दौरा किया और वहां प्रदर्शित कला को देखा।
बलोची कढ़ाई ने खींचा ध्यान
ईरानी स्टॉल्स में एक स्टॉल बलोची कढ़ाई को समर्पित है, जिसे नादिया करीमी ने लगाया है। बलोची कढ़ाई को स्थानीय भाषा में “दोच” (जिसका अर्थ है सिलाई या सुई का काम) कहा जाता है। यह बेहद पुरानी और बारीक हाथ की सिलाई वाली कला है, जिसे पाकिस्तान, ईरान और अफगानिस्तान में फैले बलूचिस्तान क्षेत्र की महिलाएं करती हैं।
परंपरा को आधुनिक रूप
नादिया करीमी पारंपरिक बलोची कढ़ाई की तकनीकों को आधुनिक डिजाइन के साथ जोड़ने का काम करती हैं। उनका उद्देश्य सदियों पुरानी इस कला को समकालीन रूप देना है। उन्होंने हाल ही में कनाडा में ‘तारन’ नाम से एक अंतरराष्ट्रीय ब्रांड भी शुरू किया है, जो ईरानी कला और उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने पर केंद्रित है।
रश्ती कढ़ाई की झलक
ईरान का दूसरा स्टॉल आमनेह सेदिघी ने लगाया है। यहां रश्ती कढ़ाई और ईरानी सुई के काम के विभिन्न रूप प्रदर्शित किए गए हैं। इसमें पारंपरिक ईरानी कढ़ाई के साथ रश्ती कढ़ाई, जिसे रश्ती-दूजी कहा जाता है, और शीशे का काम, जिसे आईनेह-दूजी कहा जाता है, शामिल है।
कौन हैं जहरा पेजेश्कियान?
जहरा पेजेश्कियान ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान की बेटी हैं। हालांकि उनकी पहचान केवल राष्ट्रपति की बेटी के रूप में नहीं है। उपलब्ध प्रोफाइल के मुताबिक उन्होंने शरीफ यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी से केमिस्ट्री में मास्टर डिग्री हासिल की है और पेट्रोकेमिकल क्षेत्र में काम भी कर चुकी हैं।
BRICS में सांस्कृतिक भूमिका
BRICS Summit 2026 के दौरान जहरा की नई दिल्ली यात्रा ने ईरानी संस्कृति और हस्तशिल्प को भी चर्चा में ला दिया है। उन्होंने BRICS बाजार में ईरान के साथ-साथ अन्य सदस्य और सहयोगी देशों की कला, शिल्प और सांस्कृतिक विरासत को करीब से देखा।
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