दिल्ली यूनिवर्सिटी ने 2025-26 में अंडरग्रेजुएट कोर्स में दाखिला लेने वाले छात्रों के लिए प्रमोशन नियम में एक बार की राहत देने का फैसला किया है। अब पहले साल में निर्धारित 44 में से 28 क्रेडिट पूरे नहीं कर पाने वाले छात्रों को केवल इसी वजह से अगले साल में जाने से नहीं रोका जाएगा। यह छूट सिर्फ 2025-26 बैच के विद्यार्थियों के लिए लागू होगी।
44 में से 28 क्रेडिट की थी शर्त
NEP के तहत लागू अंडरग्रेजुएट करिकुलम फ्रेमवर्क (UGCF-2022) में एक अकादमिक वर्ष के लिए कुल 44 क्रेडिट निर्धारित हैं। प्रमोशन के लिए पहले छात्रों को इनमें से कम से कम 28 क्रेडिट हासिल करना जरूरी था। इस शर्त के कारण जिन विद्यार्थियों के पहले वर्ष में 28 से कम क्रेडिट होते, उनके अगले वर्ष में प्रमोशन को लेकर स्थिति प्रभावित हो सकती थी। अब DU ने 2025-26 में दाखिला लेने वाले छात्रों को इस एक शर्त में राहत दी है।
बाकी प्रमोशन नियम रहेंगे लागू
DU की ओर से दी गई छूट का मतलब यह नहीं है कि सभी प्रमोशन या परीक्षा संबंधी शर्तें खत्म कर दी गई हैं। विश्वविद्यालय ने सिर्फ 44 में से 28 क्रेडिट हासिल करने वाली अनिवार्य शर्त में एक बार के लिए छूट दी है। जुलाई और सितंबर 2025 में जारी किए गए अन्य नियम पहले की तरह लागू रहेंगे। छात्रों को प्रमोशन से जुड़े बाकी निर्धारित मानकों को पूरा करना होगा। इसलिए केवल 28 क्रेडिट वाली शर्त में राहत मिलने को सभी नियमों में बदलाव के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।
जुलाई में आया था 28 क्रेडिट का नियम
DU ने जुलाई 2025 में UG छात्रों के प्रमोशन के लिए 28 क्रेडिट की शर्त लागू करने की घोषणा की थी। इसके बाद सितंबर 2025 में विश्वविद्यालय ने इस नियम के लागू होने वाले बैच को लेकर बदलाव किया था। तय किया गया था कि यह व्यवस्था 2025-26 में दाखिला लेने वाले छात्रों पर लागू होगी। अब इसी बैच के लिए विश्वविद्यालय ने 28 क्रेडिट की अनिवार्यता में एक बार की छूट देने का फैसला किया है। यानी यह राहत सभी UG बैच के छात्रों के लिए स्थायी बदलाव नहीं है।
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