हरियाणा में जमीन विवाद से जुड़े एक मामले की सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने राज्य प्रशासन और भू-माफियाओं के बीच जारी साठगांठ पर बेहद कड़ी नाराजगी व्यक्त की है। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने सुनवाई के दौरान राज्य सरकार के अधिकारियों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए। सीजेआई ने सख्त लहजे में टिप्पणी करते हुए कहा कि अदालत को इस बात की पूरी जानकारी है कि हरियाणा सरकार के अधिकारी किस प्रकार भू-माफिया के साथ खुलेआम और बेशर्मी से मिलीभगत कर रहे हैं।
केंद्र सरकार से मांगा गया विस्तृत हलफनामा
मामले की गंभीरता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने केंद्र सरकार को इस संबंध में एक हलफनामा दाखिल करने का स्पष्ट निर्देश दिया है। अदालत ने केंद्र सरकार से यह ब्यौरा प्रस्तुत करने को कहा है कि याचिकाकर्ताओं द्वारा शीर्ष अदालत के जिस पूर्व फैसले का संदर्भ दिया गया है, उसके तहत अब तक क्या-क्या कार्रवाई की गई है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि माफिया और अधिकारियों की इस कथित सांठगांठ पर प्रभावी कदम उठाना बेहद जरूरी है।
अफसरों और भू-माफिया की सांठगांठ पर नाराजगी
सुनवाई के दौरान CJI सूर्यकांत ने इस बात पर गहरा रोष जताया कि प्रशासनिक शह के बिना भू-माफिया इस तरह अवैध गतिविधियों को अंजाम नहीं दे सकते। याचिकाकर्ताओं ने अदालत को बताया कि सुप्रीम कोर्ट के पिछले आदेशों के बावजूद जमीनी स्तर पर अधिकारियों के ढुलमुल रवैये के कारण उचित कार्रवाई नहीं हो पा रही है। इसी के बाद अदालत ने कड़ा रुख अपनाते हुए केंद्र से अब तक हुई कार्रवाई का पूरा ब्योरा तलब कर लिया है।
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